BRICS शिखर सम्मेलन के बाद वैश्विक मंच पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता और तेज होती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन के दौरान और उसके बाद विभिन्न देशों के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा और वैश्विक चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
भारत की विदेश नीति में रणनीतिक स्वायत्तता और बहुपक्षीय सहयोग को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। BRICS जैसे मंचों के जरिए भारत विकासशील देशों की आवाज को मजबूती देने के साथ-साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
बैठकों के दौरान ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष सहयोग और आतंकवाद से मुकाबले जैसे विषय भी प्रमुखता से सामने आए। भारत विभिन्न देशों के साथ आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने पर जोर दे रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, BRICS के बढ़ते प्रभाव और बदलते वैश्विक समीकरणों के बीच भारत की सक्रिय कूटनीति उसे एक महत्वपूर्ण वैश्विक शक्ति और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती है। आने वाले दिनों में भारत की इन द्विपक्षीय और बहुपक्षीय पहलों पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।

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