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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण किया

 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण किया
मुख्यमंत्री ने एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लोकार्पण समारोह में स्वास्थ्य सेवाओं में हुए बदलाव को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें प्रदेश के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज नहीं दे सकीं, बल्कि 'हर जिले में एक माफिया पालने" का काम करती थीं, जबकि उनकी सरकार ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज' की अवधारणा को साकार कर प्रदेश की तस्वीर बदल दी।




मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल थी। उस समय गोरखपुर का बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वयं बीमार था। उन्होंने कहा कि बीमार मेडिकल कॉलेज नहीं था, बल्कि तत्कालीन सरकारों की मानसिकता बीमार थी, जिसने पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को इलाज के अभाव में मरने के लिए छोड़ दिया था। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में कोई ठोस कार्य नहीं किया गया।

अब दूर शहरों के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के लगभग हर जिले में मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। गोरखपुर के साथ-साथ महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, अंबेडकरनगर, बलिया, गाजीपुर, सुल्तानपुर, रायबरेली, अमेठी, प्रतापगढ़, मिर्जापुर और चंदौली सहित सभी जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा चुके हैं और वहां पढ़ाई तथा अस्पताल दोनों संचालित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीज इलाज के लिए दिल्ली, मुंबई और लखनऊ की ओर पलायन करने को मजबूर थे। एम्स दिल्ली में पूर्वांचल और बिहार के मरीजों की लंबी कतारें लगी रहती थीं क्योंकि क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2005 में गोरखपुर में आईसीयू, डायलिसिस और प्लेटलेट्स सेपरेशन जैसी बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं थीं।

वर्ष 2007 में गोरखनाथ चिकित्सालय में पहला 10 बेड का आईसीयू, पहली डायलिसिस मशीन और पहली ब्लड सेपरेटर यूनिट स्थापित कराई गई थी। आज गोरखपुर में दो दर्जन से अधिक अस्पताल अत्याधुनिक आईसीयू सुविधाओं से लैस हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मुफ्त इलाज नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। आयुष्मान भारत योजना और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से प्रदेश में लगभग 12 करोड़ लोगों को निशुल्क उपचार की सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष से भी हर वर्ष 1200 से 1500 करोड़ रुपये गंभीर बीमारियों से जूझ रहे गरीब मरीजों के इलाज पर खर्च किए जा रहे हैं।
मार्कण्डेय चन्द को सीएम ने दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने एस्ट्रोमेडिक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की सराहना करते हुए कहा कि गोरखपुर के हृदयस्थल बेतियाहाता में स्थापित यह अस्पताल फोर्टिस हॉस्पिटल के सहयोग से संचालित होगा और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा।

उन्होंने अस्पताल के संस्थापक स्वर्गीय मार्कण्डेय चन्द को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने शून्य से शिखर तक का सफर तय किया और जीवनभर गोरखपुर तथा गोरक्षपीठ के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय मार्कण्डेय चन्द के पुत्र सीपी चन्द और डॉ. अरुण चन्द ने अपने पिता की स्मृति को जीवंत रखते हुए पूर्वांचल को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि एस्ट्रोमेडिक्स न केवल लोगों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराएगा बल्कि रोजगार सृजन और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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