फर्जी मूल निवासी बनाकर मेडिकल सीट पर प्रवेश लेने वाले डॉक्टर को हुई सजा
आकिल खान एडीपीओ, भोपाल ने बताया कि दिनांक 30/01/2026 माननीय न्यायालय अतुल सक्सेना 23वे अपर सत्र न्यायाधीश महोदय, द्वारा कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग कर मेडिकल सीट पर प्रवेश लेने वाले आरोपी डॉक्टर सीताराम शर्मा पिता नत्थीलाल शर्मा को दोषसिद्ध पाते हुये धारा 420 भादवि मे 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्ड एवं धारा 467 भादवि मे 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्ड धारा 468 भादवि मे 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्ड एवं धारा 471 भादवि मे 02 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500रू अर्थदण्ड से दण्डित किये जाने का निर्णय पारित किया है । उक्त प्रकरण में शासन द्वारा की ओर से विशेष लोक अभियोजक एसटीएफ भोपाल आकिल खान एवं सुधाविजय सिंह भदौरिया द्वारा पैरवी की गई है।
घटना का संक्षिप्त विवरण :-
घटना का विवरण इस प्रकार है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तत्कालीन राज्य सभा सासंद द्वारा एसटीएफ भोपाल को शिकायत की गई थी कि व्यापाम वर्ष 2006 के बाद जो परीक्षाएं आयोजित हुई है और जो घोटाला हो रहा है उसमे उत्तर प्रदेश के मूल निवासी मध्यप्रदेश मे मेडिकल सीट प्राप्त करने के लिये मध्यप्रदेश का कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र बनवाकर कर मध्यप्रदेश कोटे की मेडिकल सीट पर प्रवेश ले रहे है। पुलिस थाना एसटीएफ भोपाल को वर्ष 2009 मे प्राप्त शिकायत व्यावसायिक परीक्षा मण्डल भोपाल द्वारा आयोजित पीएमटी परीक्षा मे आरोपी सीताराम शर्मा द्वारा वर्ष 2009 मे उत्तीर्ण होने पर म.प्र. राज्य कोटा का लाभ प्राप्त करने के लिये कूटरचित मूल निवासी प्रमाण पत्र का उपयोग कर सदोष लाभ प्राप्त करने से उक्त कृत्य का अपराध पंजीबद्ध किया गया। उक्त सूचना के आधार पर पुलिस थाना एसटीएफ के अपराध 35/2019 धारा 420, 467, 468, 471 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया दौराने विवेचना मे पाया गया है कि आरोपी सीताराम शर्मा द्वारा मध्यप्रदेश की अम्बाह तहसील से निर्मित कथित मूल निवासी बना होना दर्शाकर मेडिकल सीट पर प्रवेश लिया जबकि आरोपी मूल रूप से उत्तरप्रदेश को रहने वाला है और उसने माध्यिमक शिक्षा परिषद उत्तरप्रदेश से 1984 हाईस्कूल की परीक्षा एवं 2001 मे इंटरमीडियेट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी। अभियुक्त वर्तमान मे जिला भिण्ड मे शासकीय चिकित्यालय मे चिकित्सा अधिकारी के शासकीय पद पर पदस्थ है। जब उसके कथित मूल निवासी प्रमाण पत्र की जॉच की गई तो उक्त प्रमाण पत्र तहसील अम्बाह जिला मुरैना से जारी होना नही पाया गया। उपरान्त अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया माननीय न्यायालय के समक्ष अभियोजन द्वारा प्रस्तुत तर्क, साक्ष्य, दस्तावेजों एवं न्यायाद़ष्टात से सहमत होते हुए आरोपी सीताराम शर्मा को उक्त धाराओं मे दोषसिद्ध का निर्णय पारित किया गया है।
नोट :- न्यायालय के निर्णय के पैरा 143 मे लेख किया गया है विद्वान विशेष लोक अभियोजक ने मामले की पृष्ठ भूमि पर प्रकाश डालकर यह प्रकट किया कि अभियुक्त द्वारा किया गया अपराध इसलिए गंभीर प्रकृति का है क्योकि मध्यप्रदेश का मूल निवासी ना होकर एक प्रतियोगी परीक्षा मे अवास्तविक कूटरचित दस्तावेज का उपयोग कर बेईमानीपूर्वक आशय से स्थान सुनिश्चित किया गया जिसके आधार पर वास्तविक प्रतियोगी परीक्षार्थी का अधिकार प्रभावित हुआ है और वर्तमान मे अभियुक्त एक शासकीय चिकित्सालय मे एक चिकित्सीय अधिकारी है। इसलिए अभियुक्त का अपराध गंभीर प्रकृति को होकर अभियुक्त को कठोर दण्ड से दण्डित किये जाने की प्रार्थना की गई ।

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