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80 हजार करोड़ रु. की परियोजनाओं की पीएम मोदी रखेंगे आधाराशिला, इन्‍वेस्‍टर समिट में जुटेंगे कई सीईओ

  पीएम नरेंद्र मोदी कल 3 जून को उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार वे लगभग 11 बजे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ पहुंचेंगे, जहां वे यूपी इन्वेस्टर्स समिट के 3.0 ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह में भाग लेंगे। दोपहर करीब 1:45 बजे पीएम कानपुर के परौंख गांव पहुंचेंगे, जहां वह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ पथरी माता मंदिर जाएंगे। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे वे डॉ बी आर अंबेडकर भवन जाएंगे, जिसके बाद दोपहर 2:15 बजे मिलन केंद्र का दौरा करेंगे।


इस समारोह के जरिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी को लगातार निवेशकों की पहली पसंद बनाने की कोशिश में हैं। इस इनवेस्टर समिट में देश-विदेश से कई कई बड़े उद्योगपति शिरकत करने जा रही हैं। इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, अडाणी समूह, टाटा ग्रुप, माइक्रोसाफ्ट इंडिया हीरानंदानी समूह आदि के सीईओ शामिल होंगे।

इस दौरान प्रधानमंत्री 80 हजार करोड़ रुपये से ज्‍यादा की लागत के 1406 परियोजनाओं की आधाराशिला भी रखेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में बताया कि, "परियोजनाओं में कृषि और उससे संबद्ध क्षेत्र, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, एमएसएमई, विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, फार्मा, पर्यटन, रक्षा और एयरोस्पेस, हथकरघा और वस्त्र आदि जैसे विविध क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

इस समारोह में देश के उद्योग जगत के शीर्ष लोग शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश इनवेस्‍टर्स समिट की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। उस वर्ष इसका आयोजन 21-22 फरवरी को किया गया था। वहीं पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 29 जुलाई 2018 को हुई थी जबकि दूसरी सेरेमनी 28 जुलाई 2019 को आयोजित की गई थी।

पहली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के दौरान 61500 करोड़ रुपये की 81 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई थी जबकि दूसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी में 67 हजार करोड़ से ज्‍यादा की 290 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई थी। उत्तर प्रदेश में 80 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए लखनऊ में तीन जून को तीसरी ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का आयोजन किया जा रहा है।

इस सेरेमनी में आने वाले विशिष्ट अतिथियों के लिए राज्य सरकार ने खास उपहारों की व्यवस्था की है। यह उपहार प्रदेश की एक जिला, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना के तहत प्रोत्साहित किए जा रहे प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प के नमूने होंगे।

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