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भोपाल के गुफा मंदिर में 21 फीट ऊंची परशुराम प्रतिमा का अनावरण

  भोपाल : परशुराम जयंती और अक्षय तृतीया के अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान परशुराम की 21 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने मंदिरों की जमीन के संरक्षण, पुजारियों की आजीविका और संस्कृत पढ़ने वाले ब्राह्मण बच्चों को स्कॉलरशिप देने समेत कई घोषणाएं कीं। दूसरी ओर ईद की धूम रही। भोपाल के ईदगाह हिल्स पर हजारों धर्मावलंबियों ने अमन की नमाज अदा की।


मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर ब्राह्मण समाज के लिए मंगलवार को आधा दर्जन घोषणाएँ की। मुख्यमंत्री चौहान ने ऐलान किया कि  मठ मंदिरों की जमीन नीलाम नहीं की जाएगी। इसकी नीलामी में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होग। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि संस्कृत की पढ़ाई करने वाले बच्चों को स्कालरशिप दी जाएगी। स्कूलों में संस्कृत के शिक्षकों की भर्ती का काम तब तक चलेगा जब तक कि सभी पद भर न जाएं। इस बीच इन रिक्त पदों पर अतिथि शिक्षक भी नियुक्त किए जा सकेंगे। भगवान परशुराम का जीवन चरित्र स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही मंदिरों के पुजारियों को पांच हजार रुपए मानदेय भी सरकार देगी।

मंदिरों की जमीन सुरक्षित रखने के लिए बनेगी कमेटी
भोपाल के गुफा मंदिर परिसर में परशुराम की 21 फीट ऊंची प्रतिमा के अनावरण के बाद सीएम सिंह चौहान ने कहा कि मंदिरों की जमीन में सरकार हस्तक्षेप नहीं करेगी, उसकी व्यवस्था का अधिकार पुजारियों को मिलेगा लेकिन ध्यान रखना होगा कि मंदिर की भूमि बिकनी नहीं चाहिए। कई मामले सामने आ चुके हैं जिसमें जमीन खुर्द बुर्द हुई है। लोग अपने माता पिता परिजनों की याद में जमीन देते हैं तो उसे बेचा नहीं जाना चाहिए। जिन मंदिरों के पास जमीन है, उसकी सुरक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर एक कमेटी बने जो जमीन न बिकने देने का सुझाव दे। मंदिरों की व्यवस्था पुजारियों को ही करने का अधिकार दिया जाएगा।   जिन मंदिरों के पास जमीन नहीं है, वहां के पुजारियों को सरकार पांच हजार रुपए महीना मानदेय देगी। जहां जमीन है, वहां पुजारियों के मानदेय की व्यवस्था वहां से होने वाली आय के आधार पर की जाएगी।

पुरोहित-पुजारी आयोग गठन की मांग
महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और परशुराम प्रतिमा अनावरण समिति की जिम्मेदारी निभा रहे आलोक शर्मा की मौजूदगी में सीएम ने कहा कि अन्य वर्ग के बच्चों की तरह सरकार संस्कृत की पढ़ाई करने वाले ब्राह्मण परिवार के बच्चों को भी छात्रवृत्ति देगी। इसके पहले पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने सीएम से पुरोहित-पुजारी आयोग का गठन करने, जनेऊ संस्कार के लिए नीले राशनकार्ड धारी ब्राह्मणों को साल भर में दस हजार रुपए देने, मंदिरों की जमीन की नीलामी रोकने, दान की जमीन को लेकर कमेटी और नीति बनाने, भगवान परशुराम का जीवन दर्शन पाठ्यक्रम में शामिल करने और संस्कृत के शिक्षकों की भर्ती किए जाने की मांग सीएम शिवराज से की। कार्यक्रम के दौरान पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने कहा कि सीएम शिवराज सिंह चौहान सभी समाज के लिए काम करते हैं। वे आज सीएम को पंडित शिवराज सिंह चौहान कहकर बुला रहे हैं क्योंकि आज वे ब्राह्मणों के लिए भिक्षा के रूप में सुविधाएं देने आए हैं। उन्होंने भिक्षां देहि का नारा भी जनसमूह से लगवाया।

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