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जर्मनी में बीजेपी को मिला चुनावी जीत का नया नारा

  बर्लिन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी दौरे पर सोमवार को बर्लिन के पॉट्सडैमर प्लाज थिएटर में भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित किया। अपनी स्पीच में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सरकार के कामकाज को गिनाया। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोग भारत माता की जय, मोदी-मोदी, मोदी है तो मुमकिन है, 2024, मोदी वन्स मोर के नारे लगाते रहे। इन नारों से पूरा थिएटर गूंज उठा। लेकिन जिस नारे ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया, वह नारा था, ट्वेंटी-ट्वेंटी फोर, मोदी वंस मोर। इसके बाद से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा आने वाले 2024 के लोकसभा चुनाव में इस नारे के साथ उतरने जा रही है।


जैसा कि सभी को मालूम है कि चुनावों में जीत को लेकर भाजपा हमेशा से ही मिशन मोड में रहती है। भाजपा की जीत के लिए उनकी टीम द्वारा कई रोचक चुनावी नारे गढ़े जाते हैं जिसकी काट कई बार विपक्षी दलों के पास नहीं होती। याद दिला दें कि नरेंद्र मोदी जब लोकसभा चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक रहे थे तब 'अबकी बार मोदी सरकार' का नारा खूब चर्चित हुआ था। इस नारे ने हर जुबान पर अपनी जगह बना ली थी। कहना न होगा कि इस नारे की मदद भाजपा ने लगभग हर घर में अपनी जगह बना ली। खूब लोकप्रिय हुआ था यह नारा बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा का नारा, 'फिर एक बार मोदी सरकार' गढ़ा गया था, जिसकी खूब चर्चा भी हुई थी। इस नारे के दम पर भाजपा ने अपने कार्यकर्ताओं में खूब जोश भरा और सत्ता दोबारा अपने नाम करने में सफल हुई।

अब जब आने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर दो साल से भी कम का वक्त बचा है, भाजपा फिर से इसी मिशन पर लग चुकी है। ऐसा दावा किया जा रहा है कि आने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा इस नारे को भुना सकती है। विपक्ष पर भी कसा तंज आपको बता दें कि करीब एक घंटे के भाषण में पीएम मोदी ने अपनी सरकार के कामकाज गिनाए। इस दौरान उन्होंने इशारों ही इशारों में विपक्ष पर खूब चुटकी ली। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार की कोई गुंजाईश नहीं है। बिना किसी बिचौलिए के, बिना किसी कट मनी के लोगों के खाते में सीधे पैसा पहुंचता है। अब किसी प्रधानमंत्री को यह कहना नहीं पड़ेगा कि एक रुपया भेजता हूं तो 15 पैसा पहुंचता है। बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने भ्रष्टाचार ने निराश होकर कहा था कि यदि केंद्र सरकार लोगों को 1 रुपया भेजती है तो आम लोगों तक बस 15 पैसा ही पहुंच पाता है। 85 पैसा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। पीएम ने कहा कि लोग भी वही है, फाइल भी वही है, सरकारी मशीनरी भी वही है लेकिन देश बदल गया है।

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