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बिना चर्चा के संसद में बिल पास हुए

नई दिल्ली. संसद के मौजूदा मानसून सत्र में विपक्ष ने केंद्र की नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली एनडीए सरकार (NDA Government) पर बिना चर्चा के बिल पास कराने का आरोप लगाया है. विपक्ष की दलील है कि केंद्र सरकार उनके वैध अधिकारों से उन्हें वंचित कर रही है. आइए आपको बताते हैं कि संसद के मौजूदा मानसून सत्र में कौन-कौन से बिल बिना चर्चा के पास हुए हैं.



किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) संशोधन विधेयक- 2021: संसद के मौजूदा सत्र में पास किशोर न्याय (बच्चों की देखरेख एवं संरक्षण) संशोधन विधेयक जिला और एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को गोद लेने संबंधित आदेश जारी करने और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी और डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन यूनिट सहित बच्चों के कल्याण से जुड़े प्राधिकरणों के कार्यों की जांच का अधिकार देता है. यह कई अपरिभाषित अपराधों को भी परिभाषित करता है, जहां कोई न्यूनतम सजा निर्धारित नहीं है.
फैक्टरिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक, 2021: इस विधेयक को राज्यसभा में 28 जुलाई को पेश किए जाने के 15 मिनट के भीतर पास करा लिया गया. इसका उद्देश्य एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्र की मदद करना है. हालांकि इसे एक सप्ताह पहले पेश किया जाना था. लेकिन इजरायली स्पाइवेयर पेगासस द्वारा राजनेताओं, पत्रकारों और संवैधानिक अधिकारियों को कथित रूप से निशाना बनाने के मुद्दे पर विपक्ष के विरोध के कारण ऐसा नहीं हो सका.
साधारण बीमा कारोबार (राष्ट्रीयकरण) संशोधन विधेयक, 2021: लोकसभा ने इस बिल को पास किया. इससे सरकार को सरकारी बीमा कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम करने में मदद मिलेगी. साथ ही सरकार को विनिवेश के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी. विनिवेश का आशय सरकार द्वारा सरकारी कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने से है.

इस बिल के मुद्दे पर सरकार की दलील थी कि इससे आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, तो विपक्ष ने विरोध करते हुए कहा कि यह बिल जनता के खिलाफ है. 

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