विश्‍व में उथल-पुथल ला सकता है सूर्य ग्रहण

1 जून को जो सूर्य ग्रहण लग रहा है वह चूड़ामणि योग में लगने जा रहा है। ज्‍योतिष पक्ष के अनुसार यह योग बहुत घटना प्रधान होता है। इस योग में सूर्य ग्रहण घटित होने का अर्थ है कि देश व दुनिया में काफी उथल-पुथल मचने की संभावना है। ज्‍योतिषीय गणना का संकेत है कि इस ग्रहण के बाद बदलाव देखने को मिलेंगे। ये शुभ भी हो सकते हैं और अशुभ भी। यह ग्रहण खण्डग्रास सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में प्रारंभ होगा एवं मोक्ष (समाप्ति) आर्द्रा नक्षत्र में होगी। जानिये इस दृष्टि से आकलन क्‍या कहता है।


भारत सहित इतने देशों में दिखाई देगा
आषाढ़ कृष्ण पक्ष अमावस्या रविवार (21 जून 2020) को (चूड़ामणि योग) खण्डग्रास सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा एवं यह मध्य अफ्रीका, दक्षिणी प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, चीन ताइवान, अरब क्षेत्रों में, ओमान, पाकिस्तान आदि क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा।
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