50 साल बाद श्‍योपुर में जले बोहरा समाज के घरों में रमजान में चूल्हे


श्योपुर ! लॉकडाउन के कारण लगभग आधी सदी बाद ऐसा हो रहा है कि रमजान माह में बोहरा समाज के घरों के चूल्हे जल रहे हैं। 50 साल से बोहरा समाज के लोग रमजान के दौरान रोजा इफ्तार (भोजन) सामूहिक रूप से जमातखाना में ही करते थे। मध्य प्रदेश के श्योपुर में बोहरा समाज के लगभग 250 परिवार रहते हैं। बोहरा समाज का रमजान गुरुवार से शुरू हो गया है।


रमजान माह में रोजा रखने के साथ-साथ इबादत ठीक से हो इसके लिए दाऊदी बोहरा समाज के धर्मगुरु के निर्देश पर बोहरा समाज के लोगों को सामूहिक रूप से रोजा इफ्तार और खाने का इंतजाम जमातखाने में ही किया जाता रहा है। इस बार लॉकडाउन के चलते बोहरा समाज के लोग न सिर्फ घरों में नमाज पढ़ रहे हैं, बल्कि रोजा इफ्तार एवं खाना भी घर पर ही बना रहे हैं।
दाउदी समाज के प्रवक्ता सिराज दाउदी ने बताया कि 50 साल में यह पहला अवसर है, जब दाऊदी बोहरा समाज के घरों में रमजान के दौरान चूल्हा जला हो। अभी तक समाज के लोग जमातखाना में ही रोजा इफ्तार करने और खाना खाने पहुंचा करते थे। जमातखाना कमेटी सभी लोगों के खाने का इंतजाम खुद करती थी। एक माह तक इफ्तार के लिए समाज के लोगों से किसी तरह का कोई शुल्क व दान नहीं लिया जाता था।

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