MP : भाजपा ने ‘समृद्ध मध्यप्रदेश अभियान’ का शुभारंभ किया


भोपाल : मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्तारूढ़ भाजपा ने 21 अक्टूबर को यहां से एलईडी स्क्रीन, साउंड सिस्टम एवं अन्य उपकरणों से सुसज्जित 50 रथ रवाना करके ‘समृद्ध मध्यप्रदेश अभियान’ की शुरूआत की।

 इस अभियान के अंतर्गत भाजपा रथों को पूरे राज्य में ले जाएगी और जनता से मध्यदेश को समृद्ध बनाने के लिए सुझाव लेगी। इसके अलावा भाजपा अपने 15 साल की भाजपा सरकार की योजनाओं का प्रचार प्रसार भी करेगी।
 वहीं, कांग्रेस ने भाजपा के इस अभियान को अचार संहिता का उल्लंघन बताया और अभियान शुरू होने के कुछ ही घंटों बाद शाम में यहां चुनाव आयोग से शिकायत करके इस पर रोक लगाने की माँग की।

 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान एवं प्रदेश भाजपा चुनाव प्रबंधन समिति के संयोजक एवं केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रदेश भाजपा मुख्यालय से रविवार को इन 50 डिजिटल रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करके इस अभियान की औपचारिक शुरूआत की। 

चौहान ने इस मौके पर कहा, राज्य सरकार ने जो भी योजनाएं बनाई हैं, वे जनता से चर्चा करके बनाई हैं, जनता के सुझावों के आधार पर बनाई हैं। फिर प्रदेश की समृद्धि का ‘रोडमैप’ मैं अकेला क्यों तैयार करूं? मैं अकेला ये रोडमैप नहीं बनाऊंगा, बल्कि प्रदेश के साढ़े सात करोड़ लोग मिलकर ये रोडमैप तैयार करेंगे और प्रदेश को समृद्ध बनाएंगे।

उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की जनता से ऐसे ही सुझाव एकत्र करने का अभियान है। ये रथ अगले 15 दिनों तक प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में घूम-घूमकर लोगों से प्रदेश की समृद्धि के बारे में सुझाव एकत्र करेंगे। 

उन्होंने जनता से इस महाअभियान में शामिल होकर अपने सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि जनता से जो भी अच्छे सुझाव मिलेंगे, उनके आधार पर हम रोडमैप तैयार करेंगे और अगले पांच सालों में प्रदेश को समृद्ध मध्यप्रदेश बनाएंगे।

 चौहान ने वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक रही कांग्रेसनीत मध्यप्रदेश की दिग्वजय सिंह सरकार को याद करते हुए कहा, ‘‘कांग्रेस ने मध्यप्रदेश को बर्बाद कर दिया था। सड़कें इतनी खराब थीं कि लोग फसल कटने के बाद खेतों से गाड़ियां निकाला करते थे। पानी के अभाव में फसलें सूख जाती थीं। दिन में कुछ ही घंटों के लिए बिजली आती थी। 

कांग्रेस की सरकार ने सबसे ज्यादा बदहाल यहां की शिक्षा व्यवस्था को किया। उस सरकार ने पूरी एक पीढ़ी के भविष्य को चौपट कर दिया। ये रथ कालेज परिसरों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचेंगे। इसके अलावा, इच्छुक व्यक्ति फोन, एसएमएस और वाट्सएप के माध्यम से भी सुझाव दे सकते हैं। वहीं, प्रत्येक विधानसभा में सुझाव पेटी भी लगेगी। 

प्रत्येक विधानसभा में ‘एक चाय-एक राय’ संगोष्ठी आयोजित करके इसके माध्यम से समृद्ध मध्यप्रदेश पर चर्चा करके सुझाव लिए जायेंगे। यद्यपि अभियान शुरू होने के साथ ही एक नई बहस भी शुरू हो गई है। 

भाजपा कार्यालय में अभियान की शुरूआत के समय मंच पर श्यामाप्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, वियजाराजे सिंधिया और कुशाभाऊ ठाकरे की तस्वीर तो दिखाई दी लेकिन भाजपा के संस्थापक सदस्य रहे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर नदारत रही।

 इस संबंध में पूछे जाने पर भाजपा उपाध्यक्ष प्रभात झा ने कहा, अटलजी दिल में हैं। तस्वरी में नहीं हैं, तो इसका गलत अर्थ न निकाला जाए।

इसी बीच, कांग्रेस ने भाजपा के ‘समृद्ध मध्यप्रदेश अभियान’ को एक बार फिर जनता को ठगने का अभियान बताते हुए इसे अचार संहिता का उल्लंघन करार दिया और यहां शाम में चुनाव आयोग से शिकायत करके सभी रथों को जब्त करने के साथ ही इस अभियान पर रोक लगाने की माँग की।

 मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस नेता अजय सिंह ने भाजपा के समृद्ध मध्यप्रदेश अभियान को जनता को एक बार फिर ठगने का अभियान बताया है।
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