NSG बैठक अगले महिने, भारत की दावेदारी पर चीन का विरोध

नई दिल्ली : परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी एनएसजी का अगला अधिवेशन अगले महिने स्विस की राजधानी बर्न में होने जा रहा है।
इस दौरान भारत के पास एनएसजी की सदस्यता हासिल करने का यह एक और सुनहरा पल हो सकता है लेकिन चीन के लगातार विरोध के चलते एनएसजी समूह में भारत के प्रवेश की संभावना अब भी कमजोर नजर आ रही है।
बता दें कि भारत ने परमाणु सामग्रियों, उपकरणों और प्रौद्योगिकी के आयात पर नियंत्रण करने वाले इस समूह की सदस्यता के लिए पिछले साल मई में आधिकारिक रूप से आवेदन किया था। 
साल 2016 जून में सोल में आयोजित एनएसजी के अधिवेशन में सदस्यता के लिए भारत ने अपनी दावेदारी पूरी मजबूती के साथ पेश की थी लेकिन चीन ने भारत की मेहनत पर पानी फेर दिया और चीन ने भारत ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) पर दस्तखत नहीं किए हैं कहते हुए अड़ंगा लगा दिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अगले महीने होने वाले एनएसजी पूर्णाधिवेशन से पहले भारत ने 48 देशों के इस समूह की सदस्यता हासिल करने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी है।
भारत ने सभी सदस्य देशों से बात कर ली है। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और रूस जैसे अन्य प्रमुख देशों से भारत को सहमति मिलने के बावजूद चीन अब भी अपने रूख पर अड़ा है।
चीन भारत की तुलना आतंकवाद को पनाह देने वाले देश पाकिस्तान से करता है। एनएसजी की सदस्या हासिल करने के लिए पाकिस्तान ने भी आवेदन किया है।
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