CM शिवराज सिंह ने कहा- शहीदों का बलिदान नहीं दिखता, लानत है ऐसे नेताओं पर

भोपाल : सिमी आतंकियों के एनकाउंटर पर दूसरे दिन भी बयानबाजी जारी रही। कांग्रेस सहित कई दलों ने नेताओं ने वायरल हुए वीडियो से मुठभेड़ पर सवाल खड़े किए गए। 
दिग्विजय ने वीडियो की जांच कराने की मांग की तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ऐसे लोगों को शहादत में भी वोटों की चिंता दिखाई पड़ती है।
 कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर सवाल उठाया कि जेल से केवल मुसलमान ही क्यों भागते हैं? जो वीडियो वायरल हुआ है, उसकी कोर्ट की निगरानी में जांच होना चाहिए।
 बसपा सुप्रीमो मायावती ने ट्वीट किया कि बीजेपी शासित राज्यों में पुलिस को इस्तेमाल किया जा रहा है। भोपाल एनकाउंटर की न्यायिक जांच होना चाहिए।
 राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि एनकाउंटर की जांच होना चाहिए। एनकाउंटर फेक है, सच में इस मामले में संदेह है।
विपक्ष के इन हमलों पर सबसे पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पलटवार किया और कहा कि आरोप लगाने वालों को शहीदों का बलिदान नहीं दिखता, लानत है ऐसे नेताओं पर। 
जब रतलाम में एक सिपाही की हत्या की, खंडवा में सीताराम यादव को मारा और रविवार को जेल में रमाशंकर यादव की हत्या की, तब इन नेताओं को कुछ दिखाई नहीं देता।
स्थापना दिवस पर वल्लभ भवन के सामने आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह बोलते-बोलते उनका गला भर आया था।
 इधर प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि शहीदों की शहादत हमें दिखाई देती है मगर सरकार की जिम्मेदारियों के प्रति कोताही को कतई नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने एनकाउंटर पर विपक्ष के हमलों को लेकर ट्वीट किया कि सरकार से सवाल पूछना अधिकार है, लेकिन असली सवाल ये है कि शहीदों के बजाय आतंकवादियों की ज्यादा चिंता क्यों की जा रही है?
उधर केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने दिग्विजय सिंह के ट्वीट पर कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सभी को एक होना चाहिए। 
उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी से सवाल किया कि क्या दिग्विजय सिंह का बयान कांग्रेस की पार्टी लाइन पर है। उन्होंने ट्वीट में कहा कि जिस तरह बटला हाउस पर दिग्विजय सिंह के बयान को सोनिया गांधी ने पार्टी लाइन नहीं बताया था।

Share on Google Plus

click News India Host

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a comment