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MP: शिवराज कैबिनेट में 9 नए चेहरे हुए शामिल, बाबूलाल गौर और सरताज सिंह हटाए गए

भोपाल.   मध्यप्रदेश में तीसरी बार सत्ता संभालने के ढाई साल बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज शाम बहुप्रतिक्षित मंत्रिमंडल का विस्तार किया। 

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज दो वरिष्ठ मंत्रियों को हटाते हुए अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया और 4 केबिनेट मंत्री एवं 5 राज्य मंत्रियों सहित कुल नौ नए मंत्रियों को अपनी मंत्रिपरिषद में शामिल किया।

राज भवन में हुए शपथ ग्रहण समारोह में प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव ने मंत्रिमंडल में शामिल किये गये 4 नए केबिनेट मंत्रियों अर्चना चिटनीस, रूस्तम सिंह, जयभान सिंह पवैया, ओम प्रकाश धुर्वे तथा 5 नए राज्य मंत्रियों विश्वास सारंग, संजय पाठक, सूर्यप्रकाश मीणा, ललिता यादव और हर्ष सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

नव नियुक्त मंत्रियों को फिलहाल विभागों को बंटवारा नहीं किया गया है। मंत्रियों को देर रात या कल विभागों का आवंटन किया जा सकता है। इसके साथ ही कुछ पुराने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी किया जा सकता है।

ऐसा लगता है कि 85 वर्षीय बाबूलाल गौर और 76 वर्षीय सरताज सिंह को उनकी उम्र के चलते हटाया गया है। गौर के पास गृह मंत्रालय एवं सिंह के पास लोकनिर्माण विभाग की कमान थी। समझा जाता है कि शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले भाजपा आलाकमान के निर्देश पर दोनों ने इस्तीफा दे दिया।

गौर और सिंह ने बताया कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। गौर ने कहा, मुझे पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व द्वारा इस्तीफा देने के लिये कहा गया है।

  मप्र के 86 साल के होम मिनिस्टर बाबूलाल गौर और 76 साल के पीडब्ल्यूडी मंत्री सरताज सिंह को गुरुवार को इस्तीफा देना पड़ा। शिवराज सिंह मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले ज्यादा उम्र होने के चलते दोनों पर इस्तीफे का दबाव था।

 पहले दोनों राजी नहीं थे। बोले- इस तरह बेइज्जत होकर नहीं जाएंगे। उम्र ही पैमाना थी तो विधानसभा चुनाव में टिकट क्यों दिया था?
 हालांकि, दिल्ली से भोपाल तक के नेताओं ने दोनों को मनाने की लंबी कवायद की। इसके बाद गौर और सरताज ने मंत्री पद छोड़ा। 

 सूत्रों के मुताबिक, पहले बाबूलाल गौर ने इस्तीफा देने से इनकार करते हुए कह दिया कि वे इस उम्र में भी दूसरे मंत्रियों के बराबर काम करते हैं। अगर उम्र पैमाना थी तो उन्हें टिकट ही क्यों दिया गया था?


 उन्होंने कहा, मैंने मप्र को अपने खून-पसीने से सींचा है, इसलिए इस्तीफा क्यों दूं?सूत्रों के मुताबिक, गौर ने यह भी कह दिया था कि वे पार्टी के बड़े नेताओं से बात करेंगे।


उन्होंने कहा कि वो इस तरह से बेइज्जत होकर नहीं जाएंगे, चाहे तो पार्टी उन्हें बर्खास्त कर दे।बीजेपी के स्टेट प्रेसिडेंट नंदकुमार सिंह चौहान और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने गौर और सरताज से उनके घर जाकर मुलाकात की थी।

 पहले दोनों नेता उनकी बात मानने से मना करते रहे, बाद में इस्तीफा दे दिया।

सरताज सिंह भी इस्तीफा मांगे जाने से बेहद नाराज़ थे। उन्होंने कहा- उम्र का हवाला देकर आराम करने की बात कही गई है। मेरे काम में कभी उम्र आड़े नहीं आई। जो संदेश लेकर आए थे, उन्होंने कहा कि ये निर्देश दिल्ली से आए हैं।



 मैंने भी कह दिया कि दिल्ली तक मेरा मैसेज पहुंचा दीजिए। मैं इस तरह ज़लील होकर नहीं जाऊंगा। हालांकि बाद में सरताज ने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री के पास भेज दिया।
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