उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध और माफिया नेटवर्क के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आंकड़े सामने आए हैं। सरकार के मुताबिक, 20 मार्च 2017 से अब तक 23,601 इनामी अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। इसी अवधि में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 15,233 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियां जब्त की गई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गैंगस्टर एक्ट के तहत 87,835 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत 995 लोगों पर कार्रवाई हुई। पुलिस मुठभेड़ों में 303 अपराधियों के मारे जाने और 12,202 के घायल होने की जानकारी भी सरकार की ओर से जारी आंकड़ों में दी गई है।
68 चिह्नित माफिया के खिलाफ कार्रवाई
प्रदेश स्तर पर चिह्नित 68 माफिया और उनके गिरोह के सदस्यों व सहयोगियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। अधिकारियों के मुताबिक, इनके खिलाफ 909 मुकदमे दर्ज किए गए और 651 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
साइबर अपराध पर भी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर क्राइम थाने संचालित किए जा रहे हैं। पुलिस थानों में साइबर सेल और हेल्प डेस्क भी बनाए गए हैं। सरकार के अनुसार, अगस्त 2019 से जून 2026 के बीच साइबर अपराध से जुड़े मामलों में 874.58 करोड़ रुपये से अधिक की रकम फ्रीज या होल्ड कराई गई। इसके लिए साइबर क्राइम पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1930 का इस्तेमाल किया गया।
सरकार ने इन आंकड़ों को अपराध और संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई के तौर पर जारी किया है। आंकड़ों में गिरफ्तारी, संपत्ति जब्ती, गैंगस्टर एक्ट और साइबर अपराध से जुड़े मामलों की कार्रवाई शामिल है।

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