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एआई-रेडी और ग्रीन डेटा हब बनेगा उत्तर प्रदेश

 एआई-रेडी और ग्रीन डेटा हब बनेगा उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश को वैश्विक स्तर पर एक अत्याधुनिक और टिकाऊ तकनीकी महाशक्ति बनाने की दिशा में योगी सरकार ने सोमवार को एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बहुप्रतीक्षित 'उत्तर प्रदेश डेटा सेंटर नीति-2026' को हरी झंडी दे दी गई। इस महत्वाकांक्षी नीति का मुख्य उद्देश्य यूपी को देश का पहला 'ग्रीन, एआई-रेडी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी' डेटा सेंटर हब बनाना है।




इस नई नीति के जरिए सरकार ने प्रदेश में 2 गीगावाट की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने और 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का भारी-भरकम निवेश आकर्षित करने का रोडमैप तैयार किया है। इसके साथ ही, इस पूरी योजना से प्रदेश के करीब 50 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है।

तैयार होगा वैश्विक इकोसिस्टम, बुंदेलखंड-पूर्वांचल को विशेष बूस्ट
कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील शर्मा ने बताया कि पुरानी नीति के 27 जनवरी 2026 को समाप्त होने के बाद, बदलते तकनीकी परिदृश्य को देखते हुए यह नई और उन्नत नीति लाई गई है। इस बार सरकार का विशेष ध्यान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और पर्यावरण संरक्षण पर है।

50 हजार से अधिक युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
इस नीति को मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश में एक वर्ल्ड-क्लास डेटा सेंटर इकोसिस्टम खड़ा होगा। डेटा सेंटर्स के आने से उनके आसपास सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और आईटीईएस (ITeS) सेक्टर की अन्य कंपनियों का भी जमावड़ा लगेगा, जिससे रोजगार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे।

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