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या तो आतंकवाद छोड़ो, या मिटने को तैयार रहो - सेना प्रमुख

 या तो आतंकवाद छोड़ो, या मिटने को तैयार रहो - सेना प्रमुख
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी दी है। नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित 'सेना संवाद' कार्यक्रम के दौरान सेना प्रमुख ने साफ शब्दों में कहा कि यदि पाकिस्तान भारत के खिलाफ अपनी जमीन से आतंकी गतिविधियों को संचालित करना और आतंकवादियों को पनाह देना जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह दुनिया के भूगोल (नक्शे) का हिस्सा रहना चाहता है या इतिहास का।




भारतीय सेना ने पाकिस्तान आतंकी कैम्पों को नेस्तनाबूद कर दिया था
सेना प्रमुख का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत द्वारा 'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ मनाई गई है। आपको याद दिला दें कि पिछले साल पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के भीतर घुस कर आतंकी कैम्पों को नेस्तनाबूद कर दिया था। उस दौरान पाकिस्तान की गुहार पर ही 10 मई को युद्धविराम हुआ था, लेकिन भारत ने उसकी हरकत की सजा देते हुए 11 सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया था।

भारतीय सेना किसी भी तरह का संयम नहीं बरतेगी
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अतीत की याद दिलाते हुए कहा कि इस बार भारतीय सेना किसी भी तरह का संयम नहीं बरतेगी। सेना प्रमुख के इस बयान ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उस पुराने बयान को भी ताजा कर दिया है, जिसमें उन्होंने सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की घुसपैठ की कोशिशों पर 'इतिहास और भूगोल' बदलने की बात कही थी। सेना प्रमुख की इस सीधी चेतावनी के बाद सरहद पर सुरक्षा बलों को पूरी तरह मुस्तैद रहने का निर्देश दिया गया है।

देश के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई
भारतीय सेना प्रमुख के इस आक्रामक रुख पर देश के अंदर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। घरेलू मोर्चे पर जहां सुरक्षा विश्लेषकों ने इसे एक जरूरी और मजबूत संदेश बताया है, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राजनीति भी शुरू कर दी है। दरअसल, हाल ही में आरएसएस (RSS) के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने पाकिस्तान के साथ 'सुरक्षा और स्वाभिमान' से समझौता किए बिना बातचीत के रास्ते खुले रखने की वकालत की थी, जिसका पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने भी समर्थन किया था। अब मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने तंज कसते हुए पूछा है कि क्या संघ किसी वैश्विक 'हाइपर पावर' के इशारे पर पाकिस्तान से बातचीत की पैरवी कर रहा है, जबकि सेना प्रमुख का रुख बिल्कुल उलट है।

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट जारी
इस बड़ी चेतावनी के बाद रक्षा मंत्रालय और सैन्य मुख्यालय ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट जारी कर दिया है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के मुताबिक, सीमा पार लॉन्च पैड्स पर आतंकी हलचल देखी गई है, जिसके बाद भारतीय सेना ने आधुनिक सर्विलांस सिस्टम, ड्रोन और नाइट विजन उपकरणों की मदद से गश्त तेज कर दी है। सुदूर पहाड़ी इलाकों और संवेदनशील ठिकानों पर अतिरिक्त कमांडो टुकड़ियों को तैनात किया गया है ताकि पाकिस्तान की किसी भी नापाक हिमाकत का तुरंत और बेहद घातक जवाब दिया जा सके।

भारत के खिलाफ सीजफायर का उल्लंघन या घुसपैठ कराने की कोशिश
इस पूरे घटनाक्रम का एक कूटनीतिक पहलू यह भी है कि पाकिस्तान इस वक्त भीषण आर्थिक बदहाली और आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता से जूझ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तानी सेना और वहां की खुफिया एजेंसी आईएसआई अपनी घरेलू जनता का ध्यान भटकाने के लिए अक्सर भारत के खिलाफ सीजफायर का उल्लंघन या घुसपैठ कराने की कोशिश करती है। लेकिन भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के जरिए यह स्पष्ट कर दिया है कि अब भारत केवल अपनी सीमा की रक्षा नहीं करेगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर दुश्मन के घर में घुसकर उसकी भौगोलिक स्थिति बदलने की क्षमता भी रखता है। 

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