ट्रंप ने ईरान को दी धमकी, इस्लामाबाद में आखिरी दांव
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और कूटनीतिक गतिरोध के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में ईरान को सख्त चेतावनी दी है. रविवार को एक ही बयान में ट्रंप के दो अलग-अलग तेवर देखने को मिले. एक तरफ उन्होंने ईरान के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह नष्ट करने की धमकी दी, तो दूसरी तरफ पाकिस्तान में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत के लिए 'उचित और तर्कसंगत' समझौते का प्रस्ताव भी रखा.
सीजफायर के उल्लंघन पर भड़के ट्रंप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर अपनी बात रखते हुए ट्रंप ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने लिखा, "ईरान ने कल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में गोलियां चलाने का फैसला किया, यह हमारे संघर्षविराम समझौते का पूर्ण उल्लंघन है! उनमें से कई गोलियां एक फ्रांसीसी जहाज और ब्रिटेन के एक मालवाहक जहाज पर दागी गईं. यह अच्छा नहीं था, है ना?"
इस्लामाबाद में होगी अहम वार्ता
धमकियों के बीच ट्रंप ने कूटनीति का रास्ता खुला रखने का संकेत भी दिया. उन्होंने बताया कि उनके प्रतिनिधि सोमवार (20 अप्रैल) शाम बातचीत के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं. ट्रंप ने लिखा कि वे वहां एक समझौते के लिए बातचीत करेंगे, जिसे उन्होंने "बहुत ही उचित और तर्कसंगत डील" करार दिया.
ब्लॉकेड और आर्थिक नुकसान का जिक्र
ट्रंप ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने की घोषणा पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिका की नाकेबंदी (Blockade) ने इसे पहले ही बंद कर दिया है. ट्रंप के अनुसार, ईरान कह रहा है कि वे रास्ता बंद कर रहे हैं, जो अजीब है क्योंकि हमारे 'ब्लॉकेड' ने इसे पहले ही बंद कर रखा है. वे अनजाने में हमारी मदद ही कर रहे हैं. इस रास्ते के बंद होने से ईरान को रोजाना $50 करोड़ का नुकसान हो रहा है, जबकि अमेरिका को कोई नुकसान नहीं है. बल्कि कई जहाज अब तेल भरने के लिए अमेरिका के टेक्सस, लुइसियाना और अलास्का जा रहे हैं.
'नो मोर मिस्टर नाइस गाय'
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान इस समझौते को स्वीकार नहीं करता है, तो अंजाम बहुत बुरा होगा. उन्होंने लिखा, "मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार कर लेंगे, क्योंकि अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया, तो संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान के हर एक पावर प्लांट और हर एक पुल को उड़ा देगा. अब कोई शराफत नहीं !" ट्रंप ने आगे बेहद आक्रामक लहजे में कहा कि पिछले 47 वर्षों में अन्य राष्ट्रपतियों ने जो नहीं किया, वह उसे पूरा करना अपना सम्मान समझेंगे. उन्होंने साफ कहा, "ईरान की किलिंग मशीन को खत्म करने का समय आ गया है!"
तनाव और अस्थिर संघर्षविराम
अमेरिका-ईरान के बीच यह सीधा संघर्ष 28 फरवरी को तेहरान पर अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों के साथ शुरू हुआ था. पिछले से पिछले हफ्ते एक अस्थिर सीजफायर हुआ था, जिससे पहले ट्रंप ने पूरी ईरानी सभ्यता को खत्म करने की धमकी दी थी. पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुए दो सप्ताह के संघर्षविराम के तहत ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों को गुजरने देने पर सहमत हुआ था. हालांकि, पिछले सप्ताहांत इस्लामाबाद में हुई पहले दौर की बातचीत बेनतीजा रही. वर्तमान में स्थिति यह है कि अमेरिका ने अपनी नाकेबंदी जारी रखी है, जबकि ईरान ने अमेरिका पर "विश्वासघात" का आरोप लगाते हुए शनिवार को फिर से प्रतिबंध लागू कर दिए हैं. अब सबकी नजरें सोमवार को इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत पर टिकी हैं.

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