इंग्लैंड के खिलाफ पहली जीत दिलाने वाले खिलाड़ी गोपीनाथ का 96 साल की उम्र में निधन
भारतीय क्रिकेट टीम को इंग्लैंड के खिलाफ पहली जीत दिलाने वाले खिलाड़ी गोपीनाथ का 96 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह भारत की पहली टेस्ट जीत के आखिरी जीवित सदस्य थे। गोपीनाथ ने चेन्नई में अंतिम सांस ली।
बड़े शॉट्स के लिए जाने जाते थे गोपीनाथ
1 मार्च 1930 को चेन्नई (तब मद्रास) में जन्मे गोपीनाथ को कोयंबटूर राव गोपीनाथ के नाम से भी जाना जाता था। उनका पूरा नाम चिंगलपुत दोराइकन्नु गोपीनाथ था। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के मीडियम पेस गेंदबाज थे। भारतीय क्रिकेट में उन्हें बड़े शॉट खेलने के लिए जाना जाता था।
गोपीनाथ ने अपना टेस्ट डेब्यू 1951-52 की सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ किया था। उन्होंने 14 दिसंबर को मुंबई के ब्रेबॉर्न स्टेडियम में अपना पहला मुकाबला खेला। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं चला और करीब 9 साल बाद उनका करियर समाप्त हो गया। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में 28-30 जनवरी के बीच खेला।
गोपीनाथ के लिए इंटरनेशनल करियर का सबसे यादगार लम्हा उनका डेब्यू मैच और डेब्यू सीरीज रही। डेब्यू मैच में उन्होंने आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए नाबाद 50 रनों की शानदार पारी खेली, जो उनके टेस्ट करियर का सबसे बड़ा स्कोर भी रहा। अगली पारी में उन्होंने 42 रन बनाए और टीम इंडिया ने मैच ड्रॉ करवा लिया। इसी सीरीज का पांचवां मैच चेन्नई में खेला गया, जहां भारतीय टीम ने एक पारी और 8 रन से जीत दर्ज की, जो टीम इंडिया की पहली टेस्ट जीत थी। इस मुकाबले में गोपीनाथ ने 35 रन बनाए।
शानदार रहा फर्स्ट क्लास करियर
अपने टेस्ट करियर में गोपीनाथ ने 8 मैचों की 12 पारियों में 242 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 1 शतक लगाया और उनका औसत 22 रहा। गेंदबाजी में भी उन्होंने 1 विकेट हासिल किया। हालांकि, उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भले ही ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा, लेकिन फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार था। उन्होंने 4000 से ज्यादा रन बनाए और उनका औसत 40 से ऊपर रहा। उनका सर्वोच्च स्कोर 234 रन रहा। इस दौरान उन्होंने 9 शतक और 30 अर्धशतक लगाए। गेंदबाजी में भी उन्होंने योगदान दिया और फर्स्ट क्लास क्रिकेट के 83 मैचों में 14 विकेट अपने नाम किए।

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