मिडिल ईस्ट संकट के बीच PM मोदी ने बुलाई हाई-लेवल मीटिंग
मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री आवास पर हाई लेवल बैठक शुरू हो चुकी है. बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी समेत कई अन्य मंत्री मौजूद हैं. इसमें मिडिल ईस्ट के हालात और देश में LPG डिस्ट्रीब्यूशन और उर्वरक की उपलब्धता आदि को लेकर बैठक में चर्चा होगी.
वैश्विक ऊर्जा संकट से निपटने की चुनौती
ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बीते 23 दिन से जंग जारी है. जिसके चलते दुनियाभर में तेल और गैस की किल्लत बढ़ी है. भारत में भी इसका असर दिखाई दे रहा है. पश्चिमी एशिया में जंग के बीच रविवार (22 मार्च 2026) की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह अहम बैठक हो रही है. जिसमें सरकार के कई बड़े मंत्री शामिल होंगे और देश की ऊर्जा से जुड़ी स्थिति की समीक्षा की जाएगी.
सरकार तैयारियों में जुटी
वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच सरकार की ओर से पहले से तैयारी की जा रही है, जिससे इसका असर देश पर किसी भी तरह से न पड़े. सरकार का मकसद है कि पेट्रोलियम, कच्चे तेल, बिजली और खाद (फर्टिलाइजर) जैसे जरूरी क्षेत्रों में सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा न पड़े. इसके साथ ही देश में सामान की ढुलाई और वितरण सही तरीके से हो, इस पर भी चर्चा होगी, ताकि आम लोगों और उद्योगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
होर्मुज ऑफ स्ट्रेट में फंसे तेल-गैस से भरे जहाज
बता दें कि ईरान में जारी युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैकड़ों की संख्या में तेल और गैस से भरे टैंकर फंसे हुए हैं. ये एक ऐसा रास्ता है, जहां से दुनिया का 20 फीसदी ट्रांसपोर्ट होता है. ऐसी स्थिति में भारत की सरकार के लिए ये काफी जरूरी हो जाता है कि वे समय रहते जरूरी कदम उठाए, जिसे देश के लोगों को तकलीफ का सामना न करना पड़े.

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