लक्ष्मीप्रिया देवी की 'बूंग' का नया पोस्टर
भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का पल लेकर आई मणिपुरी फिल्म 'बूंग' अब एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने जा रही है. निर्देशक लक्ष्मीप्रिया देवी की इस फिल्म ने हाल ही में बाफ्टा फिल्म अवार्ड में बड़ा सम्मान हासिल किया और इतिहास रच दिया. यह पहली भारतीय फिल्म है, जिसे इस मंच पर अवॉर्ड मिला. इसी बीच अब मेकर्स ने ऐलान किया है कि 'बूंग' 6 मार्च को देशभर के सिनेमाघरों में दोबारा रिलीज होगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा दर्शक इस खास कहानी को थिएटर में अनुभव कर सकें.
कैसी है फिल्म की कहानी ?
फिल्म की कहानी मणिपुर के एक छोटे से गांव में रहने वाले बच्चे के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपनी मां के साथ रहता है. उसके पिता जॉयकुमार रहस्यमय तरीके से गायब हो चुके हैं. कोई नहीं जानता कि वे जिंदा हैं या परिवार को छोड़कर चले गए. इसी दर्द के बीच यह बच्चा अपनी मां को खुश करने के लिए एक बड़ा फैसला करता है. वह अपने सबसे अच्छे दोस्त के साथ पिता की तलाश में निकल पड़ता है. यह सफर सिर्फ एक खोज नहीं, बल्कि भावनाओं, मासूमियत और उम्मीद की कहानी है. फिल्म में मुख्य भूमिकाएं गुगुन किंगपिन और बाला हिजाम ने निभाई हैं.
फिल्म की हुई जमकर तारीफ
बता दें, 'बूंग' को 79वें बाफ्टा फिल्म अवार्ड में बेस्ट चिल्ड्रेन एंड फैमिली फिल्म का अवॉर्ड मिला. यह इवेंट लंदन के रॉयल फेस्टिवल हाल में आयोजित हुआ था. फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में हुआ था, जिसके बाद इसे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया और मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल जैसे बड़े फेस्टिवल्स में भी दिखाया गया. इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट, चॉकबोर्ड एंटरटेनमेंट और सूटेबल पिक्चर्स ने मिलकर प्रोड्यूस किया है. निर्माताओं का कहना है कि फिल्म की कहानी सिर्फ मणिपुर की नहीं, बल्कि हर उस जगह की है जहां लोग मुश्किल हालात में भी उम्मीद का सहारा ढूंढते हैं. अब देखना दिलचस्प होगा कि दोबारा रिलीज पर दर्शक इस फिल्म को कितना प्यार देते हैं.

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