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एसबीआई ने रचा इतिहास, मुनाफा ₹21,000 करोड़ के पार

 एसबीआई ने रचा इतिहास, मुनाफा ₹21,000 करोड़ के पार

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने शनिवार को वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। बैंक ने बाजार की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए अब तक का सबसे अधिक त्रैमासिक स्टैंडअलोन मुनाफा दर्ज किया है। ऊंचे प्रोविजनिंग बफर और ब्याज आय में वृद्धि के दम पर बैंक की बैलेंस शीट पहले से और मजबूत हुई है। 



रिकॉर्ड तोड़ मुनाफा और ब्याज आय में वृद्धि 

एसबीआई ने दिसंबर तिमाही में ₹21,028 करोड़ का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है, जो बैंक के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक है। वहीं, समेकित आधार पर बैंक का मुनाफा 13.06 प्रतिशत बढ़कर ₹21,317 करोड़ हो गया है। 


बैंक की कमाई का मुख्य जरिया, यानी नेट इंटरेस्ट इनकम (एनआईआई), सालाना आधार पर 9.04 प्रतिशत बढ़कर ₹45,190 करोड़ रही, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹41,446 करोड़ थी। यह वृद्धि 15.14 प्रतिशत की मजबूत लोन ग्रोथ के कारण संभव हो सकी है, हालांकि घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (एनआईएम) में 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट देखी गई और यह 3.12 प्रतिशत पर आ गया।


एसेट क्वालिटी में सुधार, लेकिन प्रोविजनिंग बढ़ी 

बैंक की एसेट क्वालिटी के मोर्चे पर अच्छी खबर है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति अनुपात 31 दिसंबर, 2025 तक घटकर 1.57 प्रतिशत हो गया है, जो सितंबर तिमाही में 1.73 प्रतिशत था। हालांकि, बैंक ने सतर्कता बरतते हुए प्रोविजनिंग में भारी बढ़ोतरी की है। इस तिमाही में कुल प्रोविजन ₹4,507 करोड़ रहे, जो पिछले साल की इसी तिमाही में मात्र ₹911 करोड़ थे। वहीं, नए स्लिपेज (नए फंसे कर्ज) का आंकड़ा बढ़कर ₹4,458 करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष ₹3,823 करोड़ था।


अन्य आय और व्यय का गणित 

बैंक की नॉन-इंटरेस्ट इनकम में 15.65 प्रतिशत की शानदार उछाल दर्ज की गई, जो बढ़कर ₹8,404 करोड़ हो गई। एसबीआई के चेयरमैन सीएस सेट्टी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस मुनाफे में एसबीआई म्यूचुअल फंड से मिले ₹2,200 करोड़ के विशेष लाभांश का बड़ा योगदान है। इसके अलावा, फीस आय और राइट-ऑफ खातों से रिकवरी ने भी मुनाफे को सहारा दिया। हालांकि, बैंक का कुल खर्च भी बढ़ा है। यह आंकड़ा पिछले साल के ₹1,04,917 करोड़ से बढ़कर ₹1,08,052 करोड़ हो गया है।

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