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इंदौर केस में सबसे बड़ी कार्रवाई, नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटाया

 इंदौर केस में सबसे बड़ी कार्रवाई, नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटाया

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से अब तक 15 लोग दम तोड़ चुके हैं। करीब 200 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। मामले में प्रदेश सरकार की खासी किरकिरी हो रही है। ऐसे में सीएम मोहन यादव सख्त एक्शन ले रहे हैं। शुक्रवार सुबह उन्होंने अहम बैठक बुलाई और खराब पानी की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार नगर निगम के बड़े अफसरों पर कार्रवाई की। सीएम मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम के अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को तत्काल प्रभाव से हटाने को कहा। सीएम ने इंदौर कमिश्नर दिलीप यादव को कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा। इतना ही नहीं, रात होते होते उन्हें हटा ही दिया। नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को हटाने की जानकारी सीएम मोहन यादव ने खुद दी। उन्होंने दोहराया कि सरकार दोषियों को बख्शेगी नहीं।



सीएम मोहन यादव ने मुख्य सचिव अनुराग जैन और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे। बैठक में प्रदेश के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।

अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को इंदौर से हटाकर भोपाल भेज दिया


डॉ. मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को मामले में कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने को कहा और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य विभाग का प्रभार वापस लेने के लिए भी निर्देशित किया। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश के परिपालन में अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया को इंदौर से हटाकर भोपाल भेज दिया। जल वितरण कार्य विभाग के इंचार्ज सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर संजीव श्रीवास्तव से भी प्रभार वापस ले लिया।


रात को डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर एक्शन लिया

रात को डॉ. मोहन यादव ने एक बार फिर एक्शन लिया। उन्होंने इंदौर नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव को भी हटाने के निर्देश ​दे दिए। सीएम मोहन यादव ने अपने एक्स हेंडल पर इसकी जानकारी दी।

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