भोपाल में निनाद सांस्कृतिक विकास समिति का भव्य सांस्कृतिक आयोजन
भोपाल। निनाद सांस्कृतिक विकास समिति, भोपाल के तत्वावधान में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर निनाद संगीतालय के विद्यार्थियों ने अपनी मधुर संगीत प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अध्यक्ष का प्रेरक संबोधन
समिति की अध्यक्ष अर्चना खरे ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संगीत, कला और संस्कृति केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये दैनिक जीवन में मानसिक शांति, संवेदनशीलता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करते हैं। उन्होंने छात्रों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर अभ्यास और समर्पण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
विद्यार्थियों की मनमोहक संगीत प्रस्तुतियाँ
कार्यक्रम में निनाद संगीतालय के विद्यार्थियों द्वारा एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति दी गई—
मिहिका – “पंख होते तो उड़ आती रे”
नव्या श्रीवास्तव – “उनसे मिली नजर के मेरे होश उड़ गए”
मंजू लिखते – “रोज़ रोज़ आँखों तले”
तरुण शर्मा – “मैं निगाहें तेरे चेहरे से हटाऊं कैसे”
नितिन – “होश वालों को खबर क्या”
उषा सक्सेना – “बाबूजी धीरे चलना”
अनीता सक्सेना – “कांटों से खींच के ये आँचल”
पूजा देशमुख – “एक अजनबी हसीना से”
पल्लवी मिश्रा – “तुझे देखा तो ये जाना सनम”
संदीप – “देखा ना हाय रे”
डॉ. विपिन – “बहुत प्यार करते हैं सनम”
संजय यादव – “छलकाए जाम”
इन सभी प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा।
गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में समिति के सदस्य पारुल मिश्रा, मंजू लिखते, ललित खरे, अजय भटनागर, गार्गी भटनागर एवं वीणा गणोरकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कलाकारों का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में सभी कलाकारों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया।

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