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ग्वालियर व्यापार मेला: महंगी कारों पर 50% राहत खत्म करने की तैयारी

 ग्वालियर व्यापार मेला: महंगी कारों पर 50% राहत खत्म करने की तैयारी

कैबिनेट में पेश होगा प्रस्ताव



भोपाल। व्यापार मेलों में वाहनों की बिक्री पर परिवहन कर में 50 फीसद की छूट पर सरकार अब कैंची चलाने की तैयारी में है। व्यापार मेलों में वाहनों की खरीदी का बढ़ता क्रेज व टैक्स में छूट से सरकार के खजाने को चपत लग रही है। इसके चलते अब सिर्फ 20 लाख रुपए तक के वाहनों को ही इस दायरे में लाने की तैयारी है।


अधिकारिक सूत्रों के अनुसार,​परिवहन विभाग ने उक्ताशय का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसे कल मंगलवार को होने वाली राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में रखे जाने के आसार हैं। विभाग के प्रस्ताव में हालांकि अभी सिर्फ ग्वालियर मेले का ​ही जिक्र है। इसमें वाहनों की कीमत के आधार पर टैक्स में छूट के अलग—अलग स्लैब रखे गए हैं।


20 लाख रुपए तक के वाहनों को ही छूट 

परिवहन विभाग के प्रस्ताव को कैबिनेट बैठक की मंजूरी मिलना तय माना जा रहा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिली तो व्यापार मेले में सिर्फ 20 लाख रुपए तक कीमत वाले वाहनों को ही टैक्स में छूट का लाभ मिल सकेगा।


टैक्स में छूट से खजाने को नुकसान

राज्य के परिवहन विभाग के राजस्व में एक बड़ा हिस्सा वाहनों की बिक्री से​ मिलने वाले टैक्स पर निर्भर है,लेकिन व्यापार मेला में 50 प्रतिशत की छूट उसके लिए घाटे का सौदा साबित हो रही है। ग्वालियर के बाद अब उज्जैन में भी व्यापार मेला लगने से उसका घाटा और बढ़ा है। इसका सीधा असर विभाग के राजस्व पर पड़ा। ​मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली छमाही में ही विभाग के राजस्व में 24.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।हालांकि इसके और भी कारण हो सकते हैं,लेकिन परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा वाहनों की बिक्री में कमी को इसकी बड़ी वजह बताते हैं। संभवतया यही वजह है कि विभाग ने टैक्स में छूट के लिए तय कीमत के वाहनों के लिए ही छूट का लाभ देने का प्रस्ताव तैयार किया है। 

 

 पिछले तीन सालों से फैसले में हो रही देरी

ग्वालियर व्यापार मेले को शुरू हुए 18 दिन हो चुके है। इसका शुभारंभ गत 25 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने किया था। 25 फरवरी तक चलने वाले इस मेले में इस बार भी आटोमोबाइल सेक्टर्स के स्टॉल्स की भरमार है,लेकिन टैक्स छूट का निर्णय नहीं होने से

इनके कारोबार में मंदी बनी हुई है। 

टैक्स छूट देरी से दिए जाने का यह सिलसिला पिछले तीन सालों से जारी है। वर्ष 2022-23 में आरटीओ टैक्स छूट का नोटीफिकेशन मेला शुरू होने से दो दिन पहले ही आ गया था। इसके बाद 2023-24 व 2024-2025 में जनवरी मध्य यानि मकर संक्राति तक ही 50 प्रतिशत छूट का निर्णय हुआ। 


बुकिंग की कतार, डिलीवरी कम

मेले में वाहन खरीदी पर टैक्स में छूट का लोगों को बेसब्री से इंतजार है। सूत्रों के मुताबिक,सैकड़ों लोगों ने अपनी पसंद की कारों और दोपहिया वाहनों की बुकिंग करा ली है, लेकिन कोई भी डिलीवरी लेने को तैयार नहीं है। 


पड़ोसी राज्यों के खरीदार भी आते हैं मेले में

ग्वालियर व्यापार मेले की शुरुआत वर्ष 1905 में हुई थी। यह मेला उत्तर भारत का एक बड़ा और प्रसिद्ध मेला है। शुरुआत में यह पशु मेले के रूप में आयोजित किया जाता था, जो आगे चलकर हथकरघा, हस्तशिल्प, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री तथा खान-पान के लिए भी पहचाना गया। मेले में न केवल ग्वालियर-चंबल संभाग, बल्कि उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं अन्य प्रांतों से भी बड़ी संख्या में लोग आते हैं।


बीते साल 25 हजार से अधिक वाहन बिके

मेले की लोकप्रियता की एक बड़ी वजह,इसमें वाहनों के परिवहन कर में छूट ही रही। वाहनों की खरीदी की इच्छा रखने वालों को इस मेले का बेसब्री से इंतजार रहता है। इनमें महंगी कार खरीदनों वालों की भी बड़ी संख्या होती है। बताया जाता है कि बीते साल ही मेले में आटो मोबाइल सेक्टर का कारोबार ढाई हजार करोड़ रुपए से अधिक रहा। साल 2025 के मेले में विलंब से छूट की घोषणा के बावजूद 25,224 वाहन बिके। इनमें कारों की संख्या दुपहिया से अधिक रही।

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