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आत्महत्या की बढ़ती मानसिकता रोकने दशहरा बाद कॉलेजों में चलेगा अभियान

 आत्महत्या की बढ़ती मानसिकता रोकने दशहरा बाद कॉलेजों में चलेगा अभियान

                         


                          कॉलेजों में बनेंगे वेलनेस क्लब

 रवि अवस्थी,भोपाल। 

विद्यार्थियों में पनप रही आत्महत्या की मानसिकता पर अंकुश लगाने मध्य प्रदेश के कॉलेजों में दशहरा बाद अभियान शुरू होगा। इसमें स्टूडेंट्स को वेलनेस प्रोग्राम के जरिए आल हज वेल का मंत्र दिया जाएगा।  


बनाए जाएंगे आभा हेल्थ कार्ड

उच्च शिक्षा विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं। अभियान में सभी सरकारी,गैर सरकारी कॉलेजों की सहभागिता होगी। अभियान अंतर्गत सभी छात्रों के आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट डिजिटल हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे। इनके जरिए विद्यार्थियों की नियमित स्वास्थ्य जांच व इलाज की सुविधा मिलेगी। कार्ड एवं सर्वे 


वेलनेस प्रोग्राम से दें 'आल इज वेल' का मंत्र

उक्त ​अभियान को लेकर आयुक्त उच्च शिक्षा की ओर से सभी कॉलेजों को दिशा—निर्देश जारी किए गए। इसमें कहा गया कि संस्थान प्रमुख अपने कॉलेजों को सबसे पहले तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में काम करें। इसके अलावा कॉलेजों में खून की जांच एवं रक्तदान जैसे शिविर लगाएं।


कॉलेजों में बनेंगे मानसिक स्वास्थ्य क्लब

अभियान अंतर्गत कॉलेजों में मानसिक स्वास्थ्य क्लब बनाए जाएंगे। इनके माध्यम से  जीवन जीने की कला से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम व ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य और वेलनेस की प्रेरणा देने वाले सत्र आयोजित होंगे। 


उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा ने कहा कि अभियान अंतर्गत नियमित मानसिक स्वास्थ्य शिक्षा सत्र,ई-कंटेंट आधारित जागरूकता मॉड्यूल का आयोजन होगा। साथ ही कॉलेज पाठ्यक्रम में योग,शारीरिक स्वास्थ्य,संतुलित आहार,ध्यान और संबंधित विषयों की नैतिक और जीवन कौशल शिक्षा पर भी जोर दिया जाएगा। 


दशहरा बाद शुरू करनी होंगी ये ​गतिविधियां 


दशहरा बाद यानी 3 अक्टूबर से प्रदेशभर के सभी कॉलेजों में अभियान से जुड़ी गतिविधियां शुरू होंगी। इनमें काउंसलर की नियुक्तियां,उनकी ट्रेनिंग,राज्यस्तरीय एंबेसडर कॉलेजों का दौरा शुरू करेंगे। अभिभावक-शिक्षक संघ,सहकर्मी समर्थन समूहों का गठन और सहकर्मी समर्थन लीडर नामांकित होंगे। छात्रों के लिए राज्यव्यापी टोल फ्री हेल्पलाइन शुरू करने के साथ ही कॉलेजों के परिसर को नशामुक्त बनाया जाएगा।


सुप्रीम कोर्ट की पहल पर बनी टास्क फोर्स

विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृति पर रोकथाम का यह अभियान देशव्यापी है। गत मार्च में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद इसे हाथ में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश एस.रवींद्र भट राष्ट्रीय टास्क फोर्स के अध्यक्ष है। इसी के तहत राज्य में बने टास्क फोर्स के पदाधिकारी अक्टूबर में इंदौर व जबलपुर में समीक्षा भी करेंगे।  


पोर्टल के जरिए देशभर में होगा सर्वे

विद्यार्थियों में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृति,इसकी वजह व अन्य कारणों का पता लगाने नेशनल टास्क फोर्स देशव्यापी सर्वे भी करेगा। इसके लिए पोर्टल की मदद ली जाएगी। इसमें विद्यार्थी,काउंसलर व अभियान से जुड़े लोग अपना नजरिया साझा कर सकेंगे।

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