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'दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा'- पीएम मोदी

 'दुनिया के किसी भी नेता ने भारत को ऑपरेशन सिंदूर रोकने के लिए नहीं कहा'- पीएम मोदी 

लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि करो चर्चा इतनी करो कि दुश्मन दहशत से दहल उठे। रहे ध्यान बस इतना ही मान सिंदूर और सेना का प्रश्नों में भी अटल रहे। हमला मां भारती पर हुआ तो प्रचंड प्रहार करना होगा। हमें भारत के लिए ही जीना होगा। कांग्रेस एक परिवार के दबाव में पाकिस्तान को क्लीन चिट देना बंद करे। कांग्रेस अपनी गलती सुधारे। गर्व के क्षण का उपहास न उड़ाए। भारत आतंक की नर्सरी में ही आतंक को मिट्टी मिलाएगा। ऑपरेशन सिंदूर जारी है। ये पाकिस्तान के लिए भी नोटिस है। जब तक वो भारत के खिलाफ आतंक को रोकेगा नहीं, तब-तब भारत एक्शन लेगा। भारत सुरक्षित हो, यही हमारा संकल्प है। मैंने भारत का पक्ष रखा है।  



लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि 2001 में देश की संसद पर हमला हुआ तो एक कांग्रेस नेता ने अफजल गुरु को सम्मान देने की बात कही। मुंबई हमले के बाद एक पाकिस्तानी आतंकी पकड़ा गया। लेकिन कांग्रेस पाकिस्तानी आतंकी को लेकर खेल खेलती रही। कांग्रेस उस आतंकी को भगवा आतंकी सिद्ध करने में जुटी थी। कांग्रेस दुनिया को हिंदू आतंकवाद की थ्योरी बेच रही थी। कांग्रेस ने संविधान को जम्मू-कश्मीर से बाहर रखा। तुष्टिकरण के लिए कांग्रेस ने आतंकवाद से जुड़े कानून को कंट्रोल किया। मैं कहता हूं कि पहलगाम ने हमको झकझोर दिया है। हमने ऑपरेशन सिंदूर किया तो देश में सिंदूर स्प्रिरिट पैदा हुई। यह हमने तब भी देखी जब हमारे प्रतिनिधिमंडल विदेश गए। प्रतिनिधिमंडल ने भारत की बात दुनिया के सामने रखी। मुझे दुख है कि कांग्रेस के बडे़ नेता के पेट में दर्द  है कि भारत का पक्ष दुनिया को क्यों बताया गया? कुछ नेताओं के सदन में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई। इस मानसिकता से बाहर निकलने की जरूरत है। 


लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष में बैठे लोग आतंकवाद पर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। जब यह सत्ता में थे तब देश का हाल क्या है, क्या रहा वो आज भी देश भूला नहीं है। 2014 से पहले देश में असुरक्षा का माहौल था। लोग आज सिहर जाते हैं। हम सबको याद है कि हार जगह घोषणा होती थी कि कोई लावारिस चीज दिखे छूना मत। हम 2014 तक यही सुनते रहे। ऐसा लगता था कि जैसे देश के कोने-कोने में, कदम-कदम पर बम बिछे हैं। कांग्रेस की कमजोर सरकारों के कारण देश ने तमाम जानें गंवाई। आतंकवाद पर लगाम लगाई जा सकती थी। हमने 11 साल में ये करके दिखाया है। 2004 से 2014 के बीच होने वाली घटनाओं में कमी आई है। जब हम आतंकवाद पर नकेल कस सकते हैं तो कांग्रेस की क्या मजबूरी थी कि उसने आतंकवाद को क्यों नहीं रोका।  


लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा कि नेहरूजी ने केवल तत्कालिक प्रभाव देख रहे थे। इस समझौते से देश पिछड़ गया। देश को नुकसान हुआ। नेहरूजी उस डिप्लोमैसी को जानते थे इसमें किसान का कोई वजूद नहीं था। पाकिस्तान कई दशकों तक भारत पर हमला करता रहा। लेकिन बाद की कांग्रेस सरकार ने सिंधु जल संधि की ओर देखा तक नहीं। आज भारत ने पुरानी गलती को सुधारा है। भारत ने बड़ी ब्लंडर सिंधु जल संधि को देशहित और किसान हित में प्रतिबंधित कर दिया। यह समझौता अब आगे नहीं चलेगा। खून और पानी साथ-साथ नहीं बह सकते।  

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