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4लाख करोड़ के कर्जदार मप्र के अफसरों का शाही अंदाज, 1 घंटे के प्रोग्राम पर फूंके 27 लाख रुपए

 4लाख करोड़ के कर्जदार मप्र के अफसरों का शाही अंदाज

   1 घंटे के प्रोग्राम पर फूंके 27 लाख रुपए



भोपाल। सरकारी सिस्टम में कामकाज की महिमा ही न्यारी है। सरकार का कोई कार्यक्रम हो या कल्याणकारी योजना। प्रशासनिकअमला इन्हें जमीन पर उतारने से पहले अपने लाभ का गणित जरूर लगाता है। ऐसा ही एक मामला भोपाल वन मंडल में सामने आया। जब एक घंटे के सरकारी कार्यक्रम में आयोजक अफसरों ने 7लाख रुपए सिर्फ पेट्रोल खर्च के नाम पर उड़ा डाले।

मौका ​था बीते दिसंबर में रातापानी टाइगर रिजर्व के लोकार्पण का। इसे जन कल्याण पर्व नाम दिया गया। भोपाल वन मंडल की ओर से इस आयोजन पर करीब 27 लाख रुपए खर्च  होना बताया गया। इसका खुलासा आरटीआई में मिली जानकारी के आधार पर वाइल्ड लाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने किया। दुबे ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर इस शाही खर्च के लिए जिम्मेदार वन अफसरों के खिलाफ कार्रवाई करने व सक्षम एजेंसी से जांच कराने की मांग भी की।

दुबे ने बताया कि महज एक घंटे के इस कार्यक्रम के लिए भोपाल,रायसेन व सीहोर से 5सौ बाइकर्स की रैली प्लान की गई। इनकी बाइक में 6 हजार 644 लीटर पेट्रोल भरना बताया गया। यानी एक—एक बाइक में 13 लीटर से अधिक पेट्रोल भरा जाना बताया गया। जबकि एक सामान्य बाइक के पेट्रोल टैंक की भंडारण क्षमता ही 5 से 10लीटर होती है। बाइकर्स के पेट्रोल खर्च पर वन अधिकारियों ने सात लाख रुपए खर्च किए।


11.50 लाख का भोजन,ढाई लाख के हेलमेट बांटे


कार्यक्रम में बाइकर्स पांच सौ बुलाए जाने का दावा है,लेकिन भोजन पांच हजार लोगों को कराया गया। इस पर प्रति मेहमान की दर से करीब साढ़े 11 लाख रुपए खर्च हुए। वहीं सवा दो लाख के हेलमेट बाइकर्स को दिए गए तो साढ़े पांच लाख रुपए कार्यक्रम स्थल पर टेंट लगाने में खर्च हो गए। विभागीय भुगतान बिलों में बाइकर्स  व भोजन ग्रहण करने वालों की संख्या का गणित एकदम पुख्ता है,जबकि सूत्रों का दावा है कि कार्यक्रम में न तो 5सौ बाइकर्स जुटे,ना ही 5हजार की भीड़। राह चलते तमाशबीनों को मेहमान बताकर यह आंकड़ा तैयार किया गया। 

4लाख करोड़ के कर्जदार मप्र के अफसरों का शाही अंदाज

दुबे कहते हैं,मध्य प्रदेश चार लाख करोड़ के कर्ज में डूबा है। प्रदेश को इससे उबारने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव रात दिन कड़ी मेहनत कर रहे हैं। दूसरी ओर अफसरशाही का यह शाही अंदाज हैरत पैदा करता है। इसके चलते उन्होंने पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभ रंजन सेन और  भोपाल डीएफओ लोकप्रिय भारती को तत्काल हटाकर लोकायुक्त से समूचे मामले की जांच कराने की मांग की है।

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