.....

बजट में दिखाएंगे आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की ओर बढ़ते कदम

 भोपाल । सरकार ने मार्च में प्रस्तुत होने वाले बजट के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। बजट भाषण के लिए सभी विभागों से आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश को लेकर किए गए कामों का ब्योरा मांगा गया है। दरअसल, बजट के माध्यम से सरकार यह बताएगी कि मध्य प्रदेश ने आत्मनिर्भरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ाए हैं। चाहे निवेश बढ़ाना हो या अधोसंरचना विकास के काम हों, प्रदेश किसी राज्य से पीछे नहीं है। कृषि के क्षेत्र में भी लगातार विस्तार हो रहा है।


वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 15 जनवरी के बाद बजट भाषण में शामिल किए जाने वाले विषयों पर चर्चा के लिए बैठक करेंगे। वर्ष 2021-22 में सरकार ने कोरोना संकट के दौरान आर्थिक गतिविधियां प्रभावित न हों, इसके लिए अधोसंरचना विकास के कामों पर सर्वाधिक ध्यान दिया था। इसकी वजह से केंद्र सरकार से प्रदेश को लगभग पांच हजार करोड़ रुपये अधिक भी मिले हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों को रोजगार फिर से जमाने के लिए बैंकों से ब्याज मुक्त ऋण दिलाया गया।

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं, धान, चना, मसूर, सरसों और ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी गई। इससे किसानों को सुविधा मिली और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गति आई। स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगनी वाली आक्सीजन के लिए लगभग दो सौ संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। चार नए मेडिकल कालेज बनाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अटल प्रोग्रेस वे के आसपास औद्योगिक क्षेत्र विकास के लिए भूमि चि-ति की जा रही है।

भोपाल और इंदौर मेट्रो रेल परियोजना 2023 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वित्त विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अभी बजट प्रस्तावों को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ बैठकें चल रही हैं। सभी विभागों से वित्त मंत्री के बजट भाषण के लिए 15 जनवरी तक उपलब्धियों की जानकारी देने के लिए कहा गया है। इसमें आत्मनिर्भर भारत के कार्यक्रमों के अंतर्गत आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की योजनाएं और उनकी उपलब्धियां मांगी गई हैं।

ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक का होगा बजट प्रदेश का बजट इस बार ढाई लाख करोड़ रुपये से अधिक को होगा। स्वयं का राजस्व बढ़ाने पर सरकार द्वारा जोर दिया जाएगा। साथ ही विभागों को बजट से अतिरिक्त भी वित्तीय संसाधन जुटाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कर्मचारियों के वेतन में तीन प्रतिशत की वृद्घि के हिसाब से प्रविधान रखे जाएंगे तो महंगाई भत्ते के लिए वेतन मद में कुल प्रस्तावित राशि का 32 प्रतिशत हिस्सा रखा जाएगा। प्रदेश में कर्मचारियों को अभी 20 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है।

Share on Google Plus

click vishvas shukla

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment