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मध्‍य प्रदेश सरकार सोना सहित 21 प्रमुख खनिजों की खदानें नीलाम करेगी

 भोपाल । उच्च गुणवत्ता के हीरा के बाद अब मध्य प्रदेश की धरती सोना भी उगलेगी। राज्य सरकार पहली बार सिंगरौली जिले के गुरहार पहाड़ क्षेत्र में स्थित 21 वर्गमीटर की सोने की खदान नीलाम कर रही है। इसके साथ प्रमुख खनिजों की 21 खदानों की नीलामी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इनमें चूना पत्थर, बाक्साइट, लोह अयस्क, मैग्नीज की खदानें शामिल हैं। इन खदानों की नीलामी में शामिल होने की इच्छुक कंपनियां 15 फरवरी तक निविदा दस्तावेज खरीद सकेंगी और 22 फरवरी की रात 11.59 बजे तक बोली लगा सकेंगी।

निविदा डालने से पहले इच्छुक ठेकेदार क्षेत्र का मुआइना भी कर सकेंगे। विभाग ने चूनापत्थर के आठ ब्लाक, बाक्साइट के दो, सोना और लौह अस्यक के एक-एक ब्लाक के लिए नीलामी और खनन पटटे के अनुदान के लिए निविदा बुलाई है। जबकि मैग्नीज अयस्क के सात, बाक्साइट के एक और बाक्साइट एवं चूना पत्थर के एक ब्लाक की नीलामी के लिए निविदा बुलाई है। वित्तीय बोली सिर्फ डिजिटल तरीके से लगाई जा सकेगी। जबकि तकनीकी बोली के लिए योग्य बोलीदारों को डिजिटल और भौतिक दोनों विकल्प दिए जाएंगे।

प्रदेश में वर्ष 2002 से सिंगरौली, कटनी, बालाघाट, सिवनी, बैतूल, जबलपुर, शहडोल और उमरिया जिलों में सोने के भंडार की खोज चल रही थी। जियोलाजिकल सर्वे आफ इंडिया ने सोने की संभावनाओं का सर्वे करते हुए कटनी और सिंगरौली में सोने की खदानों की पुष्टि की है। इसमें से सिंगरौली के चकरिया में चार हेक्टेयर में सोने का डेढ़ लाख टन और गुरहार पहाड़ में 21 वर्गमीटर, थापरा में 24 वर्गमीटर, कर्माहीपुरी सिली में 32 वर्गमीटर और निबुआ में 25 वर्गमीटर क्षेत्र में सोने की खोज हुई है।

इस सर्वे में छिंदवाड़ा के जंगलदेही क्षेत्र में आठ हेक्टेयर में 16 लाख टन और बैतूल के बिसखान क्षेत्र में छह हेक्टेयर में 20 लाख टन जिंक का भंडार भी मिला है। वर्तमान में सिंगरौली जिले के गुरहार पहाड़ पर 21 वर्गमीटर में स्थित सोने की खदान की निविदा निकाली गई है।

ये खदानें की जा रहीं नीलाम

सतना जिले में चूना पत्थर की सात और रीवा में एक खदान है। निवाड़ी में लौह अयस्क, सिंगरौली में सोने, डिंडौरी और सतना में बाक्साइट, बालाघाट, झाबुआ, खरगोन, सिवनी में मैग्नीज, कटनी में बाक्साइट और सतना में बाक्साइट एवं चूना पत्थर की खदानें नीलाम की जा रही हैं।

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