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सरकार के साथ वार्ता, किसानों ने ट्रैक्‍टर मार्च निकाल कर बनाया दबाव


 नई दिल्‍ली :  केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच शुक्रवार को आठवें दौर की बातचीत होगी। इस बातचीत का क्‍या नतीजा निकलेगा यह तो वक्‍त बताएगा लेकिन किसान संगठनों ने आज गुरुवार को दिल्‍ली एनसीआर के अलग अलग इलाकों में ट्रैक्‍टर रैलियां निकाल कर सरकार को अपने रुख से अवगत करा दिया। प्रदर्शन कर रहे किसान संगठनों ने कहा कि सरकार यदि मसले का समाधान नहीं निकालती तो आगे उनका आंदोलन और तेज होगा। उन्‍होंने कहा कि 26 जनवरी को हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय राजधानी में आने वाले ट्रैक्टरों की प्रस्तावित परेड के लिए यह एक रिहर्सल था।

किसानों ने प्रदर्शन स्थल सिंघू, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर और हरियाणा के रेवासन में ट्रैक्टर रैली निकाली। भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के प्रमुख जोगिंदर सिंह उगराहां के मुताबिक, 3500 से ज्यादा ट्रैक्टरों और ट्रॉलियों के साथ किसानों ने मार्च में हिस्‍सा लिया। किसानों ने कहा कि सरकार ने यदि उनकी मांगें नहीं मानीं तो 26 जनवरी को भी ट्रैक्टर परेड आयोजित की जाएगी। यह मार्च उसी का ट्रेलर है।

केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच शुक्रवार को आठवें दौर की बातचीत होनी है। किसानों का कहना है कि सरकार को उनकी बात माननी होगी। बीते सोमवार को किसान संगठनों और तीन केंद्रीय मंत्रियों के बीच सातवें दौर की बैठक बेनतीजा रही थी। अब तक की बैठकों में केवल दो मसलों पर सहमति बन पाई है। पेंच नए कृषि कानूनों को वापस लेने और MSP पर अलग कानून बनाने की मांग पर फंसा है।

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