सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर युवा पीढ़ी भारतीय संस्कारों को आत्मसात करे - मुख्यमंत्री



भोपाल !  मुख्यमंत्री ने युवा पीढ़ी से कहा है कि सामाजिक कुरीतियों को समाप्त कर भारतीय मूल्यों और संस्कारों को आत्मसात करें। हमारे देश के अस्तित्व के लिए यह जरूरी है।  कमल नाथ छिंदवाड़ा में सभी धर्मों और दिव्यांगजनों के सामूहिक विवाह सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में एक साथ 3 हजार 353 जोड़ों का विवाह होने से यह सम्मेलन गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में शामिल किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन भारत की विविध संस्कृति का प्रतीक है। यहाँ हिन्दू, मुस्लिम, बौद्ध परंपरओं के साथ ही दिव्यांगजन भी परिणय सूत्र में बंधने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही संस्कृति हमारी सबसे बड़ी शक्ति है, जो भारत को पूरे विश्व में महान राष्ट्र बनाती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों, जातियों, भाषाओं के साथ भाईचारे की भावना से एकजुट रहने की हमारी यह विशेषता अक्षुण्ण बनी रहे, यह दायित्व युवा पीढ़ी का है।
प्रदेश में आदर्श बना छिंदवाड़ा का विकास
छिंदवाड़ा की विकास यात्रा का उल्लेख कहते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके विकास का श्रेय जिले की जनता को जाता है, जिन्होंने पिछले 40 साल में सदैव सच्चाई का साथ देते हुए मुझे अपना जनप्रतिनिधि बनाया। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश में छिंदवाड़ा का विकास आदर्श बन गया है। मेडिकल कॉलेज, सिंचाई सुविधाएँ, विश्वविद्यालय और रोजगार के लिए कौशल विकास केन्द्रों ने इस जिले की तस्वीर बदल दी है। यहाँ के लोगों का भविष्य सुरक्षित है। अब इन्हें शिक्षा और स्वास्थ्य के मामले में छिंदवाड़ा से बाहर नहीं जाना पड़ेगा बल्कि बाहर के लोग सुविधा का फायदा उठाने यहाँ आएँगे। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिला व्यापार- व्यवसाय में भी अग्रणी बने, इसके लिए रेल्वे सुविधाओं का विकास किया गया है, जिससे जिले के साथ-साथ आस-पास के क्षेत्रों में भी समृद्धि आयी है।
सांसद नकुल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार वचन-पत्र के वादों को एक-एक करके पूरा कर रही है। सामाजिक योजनाओं के जरिए गरीबों और दिव्यांगों को आर्थिक रूप से मदद दी जा रही है। उन्होंने बताया कि दिव्यांग जोड़ों को 2 लाख रुपए की सहायता एवं कन्यादान योजना में विवाह होने पर 51 हजार रुपए की राशि दी जा रही है।
मुख्यमंत्री को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रमाण-पत्र भेंट
छिंदवाड़ा में हुए सामूहिक विवाह सम्मेलन में तीन हजार 353 विवाह हुए। इनमें विभिन्न धर्मों के साथ ही 114 दिव्यांग जोड़े भी विवाह के बंधन सूत्र में बंधे। यह प्रदेश में अब तक सबसे बड़ा सामूहिक विवाह सम्मेलन था। इसके पूर्व सिंगरौली में 2,290 युवक-युवतियों का सामूहिक विवाह सम्मेलन में विवाह हुआ था। इस उपलब्धि को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किया गया। इसका प्रमाण-पत्र साउथ एशिया के हेड आलोक कुमार ने मुख्यमंत्री को भेंट किया।

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