प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और भूपेन हजारिका को भारत रत्न

नई दिल्ली : भारत सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, नानाजी देशमुख और संगीतकार भूपेन हजारिका को भारत रत्न देने का फैसला किया है.
 गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति में कहा गया कि नानाजी देशमुख एवं भूपेन हजारिका को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा . पूर्व राष्ट्रपति मुखर्जी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रहे. वह यूपीए-I और II सरकारों में महत्वपूर्ण पदों पर रहे.
पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर प्रणब मुखर्जी के देश को दिए योगदान को याद किया है. पीएम ने कहा कि प्रणब दा हमारे समय के उत्कृष्ट राजनेता हैं. पीएम ने कहा कि उन्होंने देश की कई दशकों निस्वार्थ सेवा की है और देश के विकास पर गहरी छाप छोड़ी है. उनका ज्ञान और बौद्धिकता अतुलनीय  है. इस बात की खुशी है कि उन्हें भारत रत्न दिया जा रहा है. बता दें प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक भारत के 13वें राष्ट्रपति रहे हैं.
 संघ से जुड़े नानाजी देशमुख पूर्व में भारतीय जनसंघ से जुड़े थे. 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद उन्होंने मन्त्री पद स्वीकार नहीं किया और जीवन पर्यन्त दीनदयाल शोध संस्थान के अन्तर्गत चलने वाले विविध प्रकल्पों के विस्तार हेतु कार्य करते रहे.
 अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने उन्हें राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था. वाजपेयी के कार्यकाल में ही भारत सरकार ने उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य व ग्रामीण स्वालम्बन के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान के लिये पद्म विभूषण भी प्रदान किया.
भूपेन हजारिका पूर्वोत्तर राज्य असम से ताल्लुक रखते थे. अपनी मूल भाषा असमिया के अलावा भूपेन हजारिका हिंदी, बंगला समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे थे. उनहोने फिल्म 'गांधी टू हिटलर' में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन 'वैष्णव जन' गाया था.  उन्हें पद्मभूषण सम्मान से भी सम्मानित किया गया था.
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