UN : हम गरीबी से लड़ रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है - सुषमा स्वराज

संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधित करते हुए भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान एक बार फिर प्रहार किया. उन्होंने कहा कि बेगुनाहों का खून बहाने वाला पाकिस्तान हमें मानवाधिकार का पाठ पढ़ा रहा है.
सुषमा ने अपने संबोधन में कहा कि हम गरीबी से लड़ रहे हैं, लेकिन पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है. सुषमा ने पाकिस्तान को जवाब दिया कि जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने भारत पर उनके देश के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाया था, तब सुनने वाले बोल रहे थे कि देखो कौन बोल रहा है.
 जो मुल्क खुद आतंक को पनाह देता है वही हमें मानवधिकार की पाठ पढ़ा रहा था.सुषमा ने कहा कि मोहम्मद अली जिन्नाह ने क्या कहा क्या नहीं यह तो इतिहास की बात है पर पीएम मोदी ने आज के दौर में शांति का संदेश दिया.
 मोदी ने दोस्ती का हाथ बढ़ाया, लेकिन शांति किसने बदरंग की, यह दुनिया जानती है. कॉम्प्रे‍हेंसिव बाइलेट्रल डॉयलॉग में बाइलेट्रल शब्द जानबूझकर डाला गया. कश्मीर भारत और पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है.किसी भी तीसरे को इसमें दखल नहीं देने दिया जाएगा.
सुषमा ने कहा कि हम गरीबी से लड़ रहे हैं, पर पाकिस्तान हमसे लड़ रहा है. भारत ने पाकिस्तान द्वारा आतंकवादी कोशि‍शों के बावजूद अपने विकास की रफ्तार कम होने नहीं दी. जहां भारत ने एम्स, आईआईटी, आईआईएम बनाए वहीं पाकिस्तान ने अपने यहां हिजबुल मुजाहिद्दीन, लश्कर ऐ तैयबा जैसे आतंकवादी संगठन. 
भारत ने डॉक्टर, इंजीनियर पैदा किए और पाकिस्तान ने दहशतगर्द पैदा किए, जेहादी पैदा किए. सिर्फ भारत नहीं अफ़ग़ानिस्तान और बांग्लादेश भी पाकिस्तान की वजह से आतंकवाद से जूझ रहे हैं. इसलिए वहीं यूएन में पहली बार हुआ कि पाकिस्तान के भाषण के बाद किसी देश को तीन तीन देशों को जवाब देना पड़ा. 
चीन पर भी अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधते हुए सुषमा ने कहा कि  आतंकवाद पर कार्य करने की कसमें सिर्फ एक रश्म बन गई है, जिसे संकल्प लेने के बाद भूल जाते हैं और कई देश अपने अपने इंट्रेस्ट को देखते हुए निर्णय लेते हैं.
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