प्याज बेचने में फर्जीवाड़ा पाया गया तो आपराधिक प्रकरण बनेगा

भोपाल : समर्थन मूल्य पर प्याज बेचने के लिए अब सिर्फ तीन दिन यानी सोमवार तक ही पंजीयन होगा। हर किसान के राजस्व रिकॉर्ड से मिलान कर देखा जाएगा कि उसने प्याज बोई भी है या नहीं।
 जो किसान प्याज बेच चुके हैं, उनकी खेती का भी सत्यापन कराया जाएगा। यदि गड़बड़ी पाई गई तो भुगतान पर रोक लगा दी जाएगी। शिवपुरी, रतलाम और राजगढ़ में सौ फीसदी सत्यापन राजस्व विभाग से कराया जाएगा।
सरकार अब वास्तविक किसानों से ही प्याज खरीदेगी। अपर मुख्य सचिव पीसी मीना ने बताया कि रीवा में खरीदी बंद हो चुकी है।
 तीन दिन पहले तक 75 हजार टन प्याज की प्रतिदिन आवक हो रही थी, जो अब घटकर 60 हजार टन रह गई है। इसे देखते हुए तय किया गया है कि प्याज बेचने के लिए पंजीयन अब 25 जून तक ही किया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश से प्रतिदिन 70 से 80 ट्रक प्याज दिल्ली की आजादपुर मंडी सहित अन्य राज्यों में जा रही है। सरकार ही 7 से 8 ट्रक प्याज प्रतिदिन बाहर की मंडियों में भेज रही है। 
कानपुर के व्यापारियों ने बुधवार को 4 हजार टन प्याज 4 रुपए 60 पैसे प्रति किलोग्राम के हिसाब से खरीदा है। सरकार ने अब तय किया है कि जहां प्याज खरीदी जा रही है, अब वहीं भंडारण किया जाएगा।
मीना ने बताया कि 22 अप्रैल के बाद केंद्र सरकार समर्थन मूल्य 5 हजार 225 रुपए प्रति क्विंटल पर अरहर खरीदी बंद कर चुकी है। 
नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में दो व्यापारी ने किसानों को आगे कर अपना स्टॉक खपा दिया। खुलासा होने पर दोनों व्यापारियों के खिलाफ एफआईआर कराकर जांच शुरू हो गई है।
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