North korea ने भव्य समारोह में दिखाई अपनी ताकत, टकराव को टालने के लिए चीन ने रूस से मांगी मदद

प्योंगयांग : संस्थापक किम इल सुंग की 105 वीं जयंती पर आयोजित भव्य समारोह में उत्तर कोरिया ने अंतर महाद्वीपीय मिसाइल (आइसीबीएम) का भी प्रदर्शन किया। वहां की सेना का दावा है कि यह मिसाइल करीब चार हजार किलोमीटर की दूरी पर स्थित अमेरिका तक पहुंच सकती है।
राजधानी प्योंगयांग में आयोजित परेड में हजारों सैनिकों ने भारी साजो-सामान के साथ शिरकत की और तानाशाह किम जोंग उन को सलामी दी। समारोह में अमेरिका की तरफ से हमला होने पर परमाणु हथियार से जवाब देने की धमकी दी गई। इस कार्यक्रम की कवरेज के लिए बड़ी संख्या में विदेशी पत्रकार प्योंगयांग आमंत्रित किये गए थे।
इससे पहले सुंग के पौत्र किम जोंग अपनी लिमोजिन कार से समारोह स्थल पर पहुंचे। काले सूट में किम जोंग पूरी तरह तनावमुक्त थे और हंस-हंसकर अधिकारियों से बात कर रहे थे। मंच पर पहुंचकर उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ताली बजाकर सैन्य बलों के जवानों का उत्साह बढ़ाया।
वह छठे परमाणु परीक्षण या मिसाइल परीक्षण के आसार से बने तनाव के माहौल से पूरी तरह से बेफिक्र लगे। अमेरिका ने इसी परीक्षण की आशंका से कोरियाई प्रायद्वीप में विमानवाहक युद्धपोत यूएसएस कार्ल विंसन के नेतृत्व में हमलावर बेड़ा तैनात किया है।
चीन भी टकराव को टालने की हर संभव कोशिश कर रहा है। वह उत्तर कोरिया को परीक्षण स्थगित करने के लिए मना रहा है तो अमेरिका को समझा रहा है कि युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं। संकेत हैं कि उत्तर कोरिया उसकी सलाह को तवज्जो नहीं दे रहा। शायद इसी का नतीजा था कि शनिवार को हुए समारोह में चीन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं हुआ, जबकि चीन उत्तर कोरिया का अकेला बड़ा सहयोगी है।
परेड के दौरान ट्रकों पर रखी केएन-जीरो एट मिसाइलें प्रदर्शित की गईं। सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार यह मिसाइल अमेरिका तक मार करने में सक्षम है लेकिन इसके तकनीक परीक्षण का दौर अभी पूरा नहीं हुआ है। परेड में नए तरीके लांचर भी प्रदर्शित किये गए।
माना जा रहा है कि ये लांचर आइसीबीएम छोड़ने वाले हो सकते हैं। इस मौके पर उत्तर कोरिया के दूसरे शक्तिशाली अधिकारी माने जाने वाले चोई रेयोंग हेई ने कहा, अमेरिका की किसी भी धमकी से उत्तर कोरिया डरने वाला नहीं है। वह उससे मुकाबले के लिए तैयार है।
उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर युद्ध की स्थितियां पैदा करने का आरोप लगाया। चोई ने साफ किया कि हमले का उत्तर कोरिया मुंहतोड़ जवाब देगा, वह परमाणु हमला करने से भी नहीं हिचकेगा। 
कोरियाई प्रायद्वीप में निरंतर बिगड़ रहे हालात को काबू में लाने के लिए चीन ने रूस से मदद मांगी है। चीन के विदेश मंत्री वांग ई ने फोन पर अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव से बात की।
बताया कि कोरियाई प्रायद्वीप में हालात बिगड़े तो वे किसी के भी हित में नहीं होंगे। वांग ई ने रूस से प्रभाव का इस्तेमाल करके दोनों पक्षों को वार्ता की टेबल पर लाने की गुजारिश की।

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