नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट के जरिए किसान प्रदेश के बाहर बेच सकेंगे फसल

सीहोर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि कृषि जगत में मध्‍यप्रदेश सिरमौर बन गया है।चार बार कृषि कर्मण अवॉर्ड मिलना इसका सबूत है। देश के आर्थिक विकास की यात्रा में मप्र के कृषि जगत का महत्वपूर्ण योगदान है।

मप्र के किसानों ने खेती के क्षेत्र में इतिहास रचा है इसीलिये फसल बीमा योजना की शुरूआत इस राज्य से की गई।किसान महासम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह बात कही।मोदी ने इस समारोह में किसानों को फसल बीमा योजना की सौगात दी।उन्होंने कुछ किसानों को मृदा हेल्थ कार्ड प्रदान किया। समारोह में पीएम ने कृषि कर्मण अवाॅर्ड की ट्रॉफी भी सीएम को सौंपी।किसानों की ओर से प्रधानमंत्री को किसान मित्र सम्मान दिया गया।

मोदी ने कहा कि 14 अप्रैल को बाबा साहेब आंबेडकर की जन्म जयंती के दिन केंद्र सरकार नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट की शुरूआत करेगी। किसान इसके जरिये अपने गेहूं प्रदेश के बाहर भी बेच सकेगा।उन्होंने कहा कि हमारे किसान संकल्प लें और राज्य सरकारें भी संकल्प लें कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाए। 
उन्होंने आह्वान किया यह भी संकल्प लें कि कृषि कर्मण अवाॅर्ड आगे भी मप्र को ही मिले।सीएम शिवराज ने कहा कि श्री मोदी ने पूरी दुनिया में भारत की साख स्थापित की है। उन्होंने किसानों से करतल ध्‍वनि का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री का स्वागत करवाया।उन्होंने कहा कि पीएम आज किसानों के लिए सौगात लेेकर आए हैं।अब देश के लिए अच्छे दिन आए हैं।
इस साल किसानों को खाद की कमी का सामना नहीं करना पड़ा। मिट्टी परीक्षण के जरिए किसानों को उनके खेतों की असल हालत पता चल सकेगी। फसल बीमा योजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी।उन्होंने योजना की शुरूआत के लिए मप्र को चुनने के लिए पीएम का आभार माना। 
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