हरियाणा : जाट आंदोलन हिंसा बरकरार, मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हुई

हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) पीके दास ने रविवार को कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा में आज दो और लोगों की मौत हो गई। इस तरह से मरने वालों की संख्या 12 हो गई और 150 से अधिक लोग घायल हो गए। उन्होंने कहा कि सोनीपत में मुनक नहर के निकट अकबरपुर-बारोटा में गोलीबारी से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि हांसी में दो समूहों के बीच झड़प में एक व्यक्ति मारा गया।

राज्य सरकार के इस वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि प्रशासन आंदोलनकारियों को अब तक इस बात के लिए मनाने में नाकाम रही है कि वे मुनक नहर से पानी की आपूर्ति बाधित करना खत्म करें।
दास ने कहा कि हांसी में जाटों और गैर-जाटों के बीच झड़प हुई जो चिंता का विषय है, लेकिन इस तरह की घटनाएं कुछ चुनिंदा इलाकों में हो रही हैं।

आंदोलनकारियों ने जींद जिले के जुलाना में रविवार दोपहर पूर्व मंत्री सतनारायण लाकड़ की एक गाड़ी को आग लगा दी तथा उनकी पिटाई कर दी। उपद्रवियों की दहशत से गैर जाट समुदाय के लोगों में खौफ बना हुआ है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान उपद्रवियों ने राज्य के प्रभावित जिलों में बसों, दुकानों, मॉल, पेट्रोल पंप, शो रूम, पुलिस थानों और वाहनों को फूंक दिया और जमकर लूटपाट की।

 इसके अलावा कई रेलवे स्टेशनों में आग लगा दी तथा ट्रेन की बोगी को भी आग के हवाले कर दिया। उपद्रवियों ने रेलवे की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचाया है। राज्य में दस लोगों की मौत हुई है और सैकड़ों घायल हो गए। इसके साथ ही 191 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं तथा करीब पचास लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

अंबाला दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई जगह प्रदर्शनकारियों ने जाम लगा रखा है और दिल्ली को पानी की आपूर्ति की बहाली की कोशिश जारी है। प्रदर्शनारियों ने कल मुनक नहर का पानी दिल्ली के बजाय कहीं और मोड़ दिया था। अब वहां अर्ध सैनिक बल पहुंच गए हैं।
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