.....

यूक्रेन और रूस के बीच बहुत जल्द युद्ध ख़तम हो सकता है

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का आज 34वां दिन है। इस बीच तुर्की की राजधानी इस्तांबूल में यूक्रेन और रूस के प्रतिनिधियों के बीच लगभग 3 घंटों तक बातचीत हुई। वैसे तो इस बातचीत की शुरुआत में दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने हाथ तक नहीं मिलाया, लेकिन रुस ने इस बातचीत को सकारात्मक बताया है। ये बातचीत अगले हफ्ते भी जारी रहेगी। कीव ने कहा कि वह क्षेत्र या संप्रभुता से समझौता किए बिना युद्धविराम की मांग कर रहा है। इससे पहले सोमवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि वह रूस को सुरक्षा की गारंटी देने, तटस्थ रहने और खुद को न्यूक्लियर फ्री स्टेट घोषित करने के लिए तैयार हैं। लेकिन उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे पुतिन की गैरवाजिब मांगों के आगे नहीं झुकने वाले हैं। वार्ता से पहले जेलेंस्की ने कहा कि अगर रूस असैन्यीकरण की बातें करेगा, तो हम बातचीत की मेज पर भी नहीं बैठेंगे।


विशेष परिस्थितियों में ही परमाणु हथियार का इस्तेमाल

इस बीच क्रेमलिन ने घोषणा की कि वो कुछ विशेष परिस्थितियों में ही परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने पीबीएस न्यूशोर के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि रूस परमाणु हथियारों का इस्तेमाल केवल तभी करेगा जब "देश के अस्तित्व के लिए खतरा" होगा। रूस ने दावा किया है कि 28 मार्च तक उसने यूक्रेन के 123 एयरक्राफ्ट्स, 74 हेलिकॉप्टर्स को तबाह कर दिया है. इसके अलावा 309 मानव रहित विमान, 172 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम, 1568 स्पेशल मिलिट्री ऑटोमोटिव इक्विपमेंट्स, 721 फील्ड आर्टिलरी व मोर्टार्स, 1721 टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहन भी नेस्तनाबूद करने का दावा किया है.

जैसे-जैसे दिन बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध भी खतरनाक होता जा रहा है। रूस की तरफ से लगातार आक्रमक रुख अपनाया जा रहा है और उसकी बमबारी और एय़र स्ट्राइक से यूक्रेन के आम लोग मारे जा रहे हैं। मंगलवार को कथित तौर पर एक रूसी रॉकेट ने दक्षिणी यूक्रेन के बंदरगाह शहर मायकोलाइव में क्षेत्रीय प्रशासन की इमारत को निशाना बनाया, जिसके मलबे में 11 लोग फंस गए।


Share on Google Plus

click vishvas shukla

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

Post a Comment