वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी में प्रवेश कर चुकी है - किस्टलीना जॉर्जीवा


वाशिंगटन ! अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (IMF) की प्रमुख किस्टलीना जॉर्जीवा ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस महामारी से वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी की ओर बढ़ रही है और विकासशील देशों की मदद के लिये बड़े पैमाने पर वित्त पोषण की जरूरत होगी। उन्होंने ऑनलाइन संवाददाताओं से बातचीत में कहा, 'यह साफ है कि हम मंदी में प्रवेश कर रहे हैं। मौजूदा स्थिति 2009 में वैश्विक वित्तीय संकट से ज्यादा खराब है।'


दुनिया के बाजारों को 2500 अरब की जरूरत
जॉर्जीवा ने कहा कि दुनिया भर में आर्थिक गतिविधियां अचानक से ठप होने के साथ उभरते बाजारों को 2,500 अरब डॉलर के वित्त पोषण की जरूरत होगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा, 'हमारा मानना है कि यह आंकड़ा कम है। अबतक 80 से अधिक देशों ने मुद्राकोष से आपात सहायता का आग्रह किया है।'
175 से ज्यादा देश प्रभावित
कोरोना अब तक 175 से ज्यादा देशों में फैल चुका है। पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के 529614 मामले सामने आ चुके हैं। 121454 मरीज रीकवर कर चुके हैं और एक्टिव केस 384446 है। कोरोना के कारण मौत का आंकड़ा 23714 हो गया है। भारत में अब तक 724 मामले सामने आए हैं। 17 की मौत हो चुकी है और एक्टिव केस 640 है।
2 ट्रिल्यन डॉलर की घोषणा संभव
पूरी दुनिया में कोरोना से अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए स्पेशल पैकेज की घोषणा की जा रही है। अमेरिका कोरोना के खिलाफ जंग में 2 लाख करोड़ डॉलर (2 ट्रिल्यन) के स्पेशल पैकेज की घोषणा कर सकता है। इसको लेकर वोटिंग प्रकिया जारी है।
1.7 लाख करोड़ का स्पेशल पैकेज
वित्त मंत्री ने 1.7 लाख करोड़ के स्पेशल पैकेज का ऐलान किया है। इसके अलावा रिजर्व बैंक ने भी अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। रीपो रेट में ऐतिहासिक 75 बेसिस पाइंट्स की कटौती की गई है। इसके अलावा सीआरआर को भी चार फीसदी से घटाकर तीन फीसदी कर दिया गया है।

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