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PM मोदी ने कहा - भारत की आर्थिक प्रगति से पड़ोसियों को लाभ होना चाहिए

PM नरेंद्र मोदी ने जाफना में श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के साथ संयुक्त रूप से एक स्टेडियम का उद्घाटन करते हुए शनिवार को कहा कि भारत का पूरी तरह मानना है कि उसकी आर्थिक प्रगति से पड़ोसियों को लाभ होना चाहिए।

इस स्टेडियम का नवीनीकरण भारत की ओर से कराया गया है। भारत का उसके सहयोग के लिए धन्यवाद करते हुए सिरिसेना ने कहा कि कभी-कभार गलत समझ और व्याख्याएं हो सकती हैं, लेकिन श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मोदी ने सिरिसेना के साथ दुरईअप्पा स्टेडियम  का उद्घाटन किया। इस स्टेडियम का नाम जाफना के पूर्व मेयर दिवंगत अलफ्रेड थम्बीराजा दुरईअप्पा के नाम पर रखा गया है।

यह स्टेडियम 1997 में अनुपयोगी हो गया था। अब भारत सरकार ने सात करोड़ रुपये की लागत से इस स्टेडियम का नवीनीकरण कराया है।

इसे ऐतिहासिक दिन करार देते हुए मोदी ने विश्वास दिलाया कि श्रीलंका के अपने नागरिकों के लिए प्रगति और समृद्धि का रास्ता तैयार करने के क्रम में भारत उसके साथ खड़ा रहेगा।

इस मौके पर नयी दिल्ली से वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए मोदी ने कहा, भारत आर्थिक रूप से समृद्ध श्रीलंका देखने का इरादा रखता है। एक ऐसा श्रीलंका, जहां पूरे देश में उसके लोगों के बीच एकता और अखंडता, शांति, सदभाव, सुरक्षा और समान अवसर तथा स्वाभिमान हो।

उन्होंने कहा, हमारे संबंध दोनों सरकारों के दायरे तक सीमित नहीं हैं। वे हमारे इतिहास, संस्कृति, भाषा, कला और भूगोल के समृद्ध प्रसंग में बसते हैं। भारत का यह पूरी तरह मानना है कि उसकी आर्थिक प्रगति से उसके पड़ोसियों को लाभ होना चाहिए।

पीएम ने कहा कि संचार के आधुनिक उपकरणों के कारण भारत के 125 करोड़ लोग और श्रीलंका की मित्रवत जनता इस जश्न में शामिल हुई है।

मोदी ने कहा, करीब 20 वर्षों के इंतजार के बाद एक बार फिर से आपके उत्साह और वाहवाही से दुरईअप्पा स्टेडियम की आत्मा जागृत हो जाएगी। यद्यपि हम वहां हजारों किलोमीटर दूर दिल्ली में बैठे हैं, पर हम जाफना में जीवंतता की नब्ज और बदलाव के माहौल को महसूस कर सकते हैं।

सिरिसेना ने श्रीलंका के विकास में सहयोग के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया।

श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कहा, मैं इस स्टेडियम को सुलह के केंद्र के तौर पर देखता हूं क्योंकि स्टेडियम में आप जाति, नस्ल, धर्म या किसी अंतर का अहसास नहीं करते। खेल और खेल के मैदान सुलह के प्रतीक होते हैं। यह सुलह का प्रतीक है।

मोदी ने कहा कि इस स्टेडियम का काम सफलतापूर्वक संपन्न होना इसका संकेत है कि श्रीलंका अतीत को पीछे छोड़ चुका है और समृद्ध भविष्य का वादा करते हुए दिख रहा है।
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