प्रकृति देती है शुभ-अशुभ का संकेत

पूर्ण प्रकृति पृथ्वी पर मौजूद लोगों से जुड़ी है। यही कारण है कि मनुष्य के जीवन में आने वाले शुभ-अशुभ का पता पहले से ही लग जाता है। इसे हम शकुन कहते हैं। इस बारे में पूरा शास्त्र है जिसका नाम शकुन शास्त्र है। शकुन शास्त्र की मान्यता है कि प्रकृति में होने वाला एक छोटा-सा स्पंदन भी अकारण नहीं होता है।
यदि सुबह-सुबह पूर्व दिशा की ओर कबूतर बोलता सुनाई दे तो धन लाभ होता है।
  • रात में कौवे का बोलना अशुभ है इसलिए 'ऊं नमः शिवाय' का जप करें तो आने वाली हानि टल जाती है।
  • यदि कोयल का स्वर सुबह सुनाई दे तो किसी उच्चाधिकारी की कृपा मिलती है।
  • आकाश में तारे का टूटना, पुच्छल तारा दिखाई पड़ना, आग के गोले से देखना, सूर्य और चंद्रग्रहण आदि पड़ना अशुभकारी है। ऐसे में ईश्वर का स्मरण करें।
यदि बहुत से श्वान किसी गांव में अथवा शहर में सूर्य की ओर मुंह करके भौंके या रोएं तो उस शहर या गांव में बड़ी विपत्ति आने की संभावना होती है।
  • यदि यात्रा पर जाते समय गाय अपने बछड़े को दूध पिलाती हुई दिखाई दे तो यह बेहद शुभसूचक माना जाता है।

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