BUDGET 2016 : बजट किसानों-गरीबों के नाम रहा, PF पर भी टैक्स,

नई दिल्ली. आम बजट में अरुण जेटली ने अमीरों से टैक्स वसूलने के इंतजाम तो किए, लेकिन सर्विस टैक्स बढ़ाकर मिडिल क्लास की जेब को भी नहीं छोड़ा। राहत के मामले में यह बजट किसानों-गरीबों के नाम रहा। लेकिन आम टैक्सपेयर्स को ज्यादा राहत नहीं मिली।

यहां तक कि 1 अप्रैल या उसके बाद पीएफ खाते में जमा होने वाली कुल रकम के 60 पर्सेंट पर भी टैक्स लगेगा। सरकार के इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है। आरएसएस से जुड़े भारतीय मजदूर संघ ने इसे वापस लेने की मांग की है।

 जेटली ने एलान किया है कि 1 अप्रैल, 2016 से प्रॉविडेंट फंड पर भी टैक्स लगेगा।कम से कम पांच साल की नौकरी पूरी करने पर पीएफ पर कोई टैक्स नहीं लगता था। पीएफ अकाउंट में 1 अप्रैल या उसके बाद जितनी रकम जमा होगी, उसके 60 पर्सेंट अमाउंट पर टैक्स देना होगा। 

यह उस साल के टैक्स स्लैब के हिसाब से होगा। मान लीजिए आप 31 दिसंबर, 2016 को रिटायर हो रहे हैं। ऐसे में आपके पीएफ खाते में 1 अप्रैल, 2016 से लेकर 31 दिसंबर, 2016 के बीच जमा होने वाली रकम के 60 पर्सेंट पर टैक्स चुकाना होगा। बाकी के 40 पर्सेंट अमाउंट पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इस बदलाव के तहत 31 मार्च, 2016 तक पीएफ खाते में जमा हुई रकम पर टैक्स नहीं लगेगा।

 इस फैसले का असर पीएफ में पैसा जमा करने वाले करीब 6 करोड़ लोगों पर पड़ेगा। वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा का कहना है कि ये व्यवस्था रेट्रोस्पेक्टिव नहीं होगी। यानी पिछली डेट से पीएफ कॉन्ट्रिब्यूशन पर टैक्स नहीं लगेगा।

 नए एम्प्लॉई की सैलरी से पहले तीन साल तक पीएफ नहीं कटेगा। एम्प्लॉई का हिस्सा भी सरकार कॉन्ट्रिब्यूट करेगी।
 हालांकि, अभी ये साफ नहीं है कि ये राहत सरकारी नौकरियों के लिए है या प्राइवेट सेक्टर के लिए या दोनों के लिए।

 जेटली ने बजट में एलान किया कि एक करोड़ रुपए से ज्यादा इनकम पर 12 की जगह 15 फीसदी सरचार्ज लगेगा। 
 इसी तरह जेटली ने अमीरों द्वारा खरीदी जाने वाली SUVs पर 4% सेस और 10 लाख रुपए से ज्यादा की गाड़ियों पर 1 पर्सेंट का एक्स्ट्रा सरचार्ज लगाने का एलान किया है।  10 लाख रुपए से ज्यादा का डिविडेंड भी टैक्सेबल होगा।

 न्यू वर्ल्ड वेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, देश में एक करोड़ रुपए से ज्यादा की सालाना इनकम वालों की संख्या 2.36 लाख है। पिछली बार भी सरकार ने सुपर रिच पर सरचार्ज बढ़ाया तो इससे 7500 करोड़ का एक्स्ट्रा रेवेन्यू मिला।
 दो हजार करोड़ रुपए बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन के लिए दिए हैं। 1.5 करोड़ गैस कनेक्शन फ्री में दिए जाएंगे। 2 साल में 5 करोड़ गरीब परिवारों को फायदा मिलेगा। ये गैस कनेक्शन महिलाओं के लिए होंगे।
 सरकार ने गैस सब्सिडी छोड़ने की स्कीम शुरू की थी। अब तक 75 लाख लोग सब्सिडी छोड़ चुके हैं। यानी इतने एलपीजी कनेक्शंस का सरकार पर कोई भार नहीं है। इसी का इस्तेमाल सरकार गरीबों के लिए करना चाहती है। किसानों-गावों के लिए एलान करते हुए जेटली ने कहा कि खेती के लिए कुल कर्ज 9 लाख करोड़ रुपए का होगा। यूपीए के वक्त से चल रही मनरेगा के लिए 38 हजार 500 करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं।

 जो अब तक का सबसे बड़ा फंड है। गांवों में बिजली के लिए 8500 करोड़ रुपए रखे जाएंगे।  एक मई 2018 तक देश के 100% गांवों में बिजली पहुंचा दी जाएगी। सिंचाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं।  15 हजार करोड़ किसानों को लोन में मदद के लिए रखे गए हैं। 2022 तक किसानों की कमाई दोगुनी करने का टारगेट है।

 इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव नहीं। पांच लाख रुपए सालाना से कम इनकम वालों के लिए टैक्स सिलिंग 2000 से बढ़ाकर 5000 रुपए। इस कैटेगरी में 2 करोड़ टैक्स पेयर्स आते हैं। पहली बार घर खरीदने पर ब्याज में 50 हजार की छूट। यह 50 लाख रुपए से कम के मकान पर ही होगी। जिनके पास अपना मकान नहीं हैं और जिन्हें एम्प्लॉयर से एचआरए नहीं मिलता, वे भी सालाना 24 हजार रुपए की छूट हासिल कर सकते हैं।  80 जीबी के तहत हाउस रेंट छूट पाने की लिमिट 24 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपए कर दी गई है।


छोटी कारों पर टैक्स 1 पर्सेंट और डीजल कारों पर 2.5 पर्सेंट टैक्स बढ़ाया गया है। 1 जून से सर्विस टैक्स 14.5% से बढ़कर 15% होगा। गरीबों को जो 1.5 करोड़ फ्री गैस कनेक्शन दिए जाने हैं। खास बात यह है कि ये महिलाओं के नाम से ही होंगे।
 1.30 लाख रुपए का सालाना हेल्थ कवर सीनियर सिटीजंस को मिलेगा।

सस्ता
 मोबाइल, डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट। डायलिसिस इक्विपमेंट्स सस्ते। दिव्यांगों (हैंडिकैप्ड लोगों) की मदद से जुड़े इक्विपमेंट्स।
महंगा
 SUVs पर 4% सेस लगेगा, 10 लाख रुपए से ज्यादा की गाड़ियों पर 1 पर्सेंट का एक्स्ट्रा सरचार्ज।  छाेटी कारों पर टैक्स 1 पर्सेंट और डीजल कारों पर 2.5 पर्सेंट टैक्स बढ़ाया गया है। बीड़ी छोड़कर सिगरेट, सिगार जैसे सभी टोबैको प्रोडक्ट्स पर एक्साइज ड्यूटी 10 से बढ़ाकर 15 पर्सेंट हुई।  गोल्ड ज्वैलरी, रेडीमेड-ब्रांडेड कपड़े, हीरा, रत्न, कोयला महंगा।

 सर्विस टैक्स 14.5% से बढ़कर 15% हुआ। 0.5% का कृषि कल्याण सेस लगेगा। बिल बेस्ड सर्विस जैसे रेल-एयर टिकट, मोबाइल बिल, रेस्टोरेंट, मूवी टिकट, ब्यूटी पार्लर सर्विस, इंश्योरेंस पॉलिसी महंगी।

 जब जेटली ने अपनी स्पीच शुरू की तो सेंसेक्स 23120 के लेवल पर था। स्पीच के दौरान सेंसेक्स लगातार गिरता रहा और एक वक्त यह 22658 तक पहुंच गया था।जेटली की स्पीच खत्म हुई तो सेंसेक्स 22785 प्वाइंट्स पर था। इसके बाद इसमें तेजी देखी गई।

 सरकारी बैंकों को 25 हजार करोड़ रुपए का फंड। सरकारी बैंको में हिस्सेदारी 50% करने पर विचार। एक दिन में खुल सकेगी कंपनी। स्टार्टअप के लिए बड़ा एलान।

 10 हजार किलोमीटर में नए हाईवे बनाएगी सरकार। इसके लिए 97 हजार करोड़ रुपए दिए जाएंगे। 50 हजार किलोमीटर में नए स्टेट हाईवे बनाए जाएंगे।  हम परमिट राज को खत्म करने के लिए तेजी से काम करना चाहते हैं।  160 एयरपोर्ट्स काे डेवलप कर मॉडर्न किया जाएगा। 

 बुनियादी ढांचे के लिए 2 लाख करोड़ रुपए दिए जाएंगे।  जेटली ने कहा कि राज्य हाईवे को नेशनल हाईवे के तौर पर डेवलप करना चाहते हैं। इसलिए दो तरह के अलॉटमेंट किए गए हैं।

 हायर एजुकेशन के लिए एक हजार करोड़ रुपए। 15 हजार मल्टी स्किल सेंटर ‘हेफा’ खोले जाएंगे। एससी- एसटी एजुकेशन हब बनाए जाएंगे। स्कूल- कॉलेज में अब डिजिटल सर्टिफिकेट दिए जाएंगे। 62 नवोदय स्कूल खुलेंगे। 20 यूनिवर्सिटीज को वर्ल्ड क्लास बनाया जाएगा। नए एम्प्लॉइज का तीन साल के लिए पीएफ सरकार देगी।

 ये साफ नहीं है कि ये प्राइवेट सेक्टर के लिए होगा या सरकारी नौकरी करने वालों के लिए।  इसके अलावा ईपीएफ का दायरा बढ़ाया जाएगा। एक हजार करोड़ रुपए का फंड देगी सरकार। मजदूरों के लिए काम के घंटे और छुट्टी का दिन भी तय किया जाएगा।

 राष्ट्रीय डायलिसिस सेवा। हर सरकारी जिला अस्पताल में डायलिसिस होगा। डायलिसिस मशीन अौर पुर्जों के लिए सरकार कुछ छूट देगी।  डेढ़ करोड़ परिवारों को गैस कनेक्शन देंगे। ताकि गुर्दें की बीमारी भी कम हो सके।  स्टैंड अप स्कीम के तहत 500 करोड़ रुपए अलॉट। इससे ढाई लाख लोगों को फायदा होगा।

 दवाओं के लिए 3 हजार दुकानें खुलेंगी। इन पर सस्ती दवाएं मिलेंगी। हेल्थ के लिए नई स्कीम। गरीबों को एक लाख रुपए का स्वास्थ्य बीमा।  स्वास्थ्य बीमा योजना में इलाज का खर्च मिलेगा।

 दो हजार करोड़ रुपए बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन के लिए। महिलाओं के नाम से दिए जाएंगे एलपीजी कनेक्शन। 75 लाख लोगों ने गैस सब्सिडी छोड़ी है।  जेटली ने कहा कि डेयरी उद्योग के लिए हम चार नई योजनाएं ला रहे हैं। खेती के लिए कुल कर्ज 9 लाख करोड़ रुपए होगा।  मनरेगा के लिए 38 हजार 500 करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं। जो अब तक का सबसे बड़ा फंड है।

 2.87 लाख करोड़ रुपए ग्रामीण पंचायतों को दिए जाएंगे। उनके अधिकार भी बढ़ाए जाएंगे।  एक मई 2018 तक देश के हर गांव में बिजली पहुंचा दी जाएगी। ग्रामीण भारत के लिए नई डिजिटल साक्षरता स्कीम। इसे डिजिटल इंडिया के तहत ही लाया जाएगा।  गांवों में बिजली के लिए 8500 करोड़ रुपए रखे जाएंगे। 

 मनरेगा के तहत हम पांच लाख नए कुएं बनाने जा रहे हैं। खासतौर पर सिंचाई के लिए।  तीन साल में पांच लाख एकड़ में जैविक खेती करने का टारगेट। कचरे से खाद बनाने की नेशनल लेवल की स्कीम लाने की योजना है।  दालों की कीमतें काबू रखने और उत्पादन बढ़ाने के लिए 500 करोड़ रुपए का बजट अलग से रखा जाएगा।

सिंचाई के लिए 20 हजार करोड़ रुपए अलग से रखे गए हैं। 15 हजार करोड़ किसानों को लोन में मदद के लिए रखे गए हैं।  पीएम सड़क योजना 19 हजार करोड़ रुपए अलॉट किए गए हैं।  मंडी कानून में बदलाव करना चाहते हैं। ताकि किसानों को पूरा फायदा मिल सके। गरीबो और किसानों के लिए हेल्थ कवर स्कीम लाएंगे। 2022 तक हम किसानों की कमाई दोगुनी करने की कोशिश कर रहे हैं । यही हमारा टारगेट है।

 बजट में गरीब, किसानों का ध्यान रखा गया है। इस बजट में वो सारे प्रावधान हैं जिसके कारण हाउसिंग सेक्टर को बल मिलेगा और सबको घर मिलेगा।''किराए के घर में रह रहे लोगों को भी छूट मिलेगी। गरीबों के नाम पर बहुत राजनीति की गई है। कुछ किया नहीं गया।'चूल्हा जलाने से स्वास्थ्य को बहुत खतरा होता है। जानकार बताते हैं कि चूल्हे से शरीर में 400 सिगरेट के बराबर धुआं जाता है।अब गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिल सकेगा।

'हर देशवासी सिक्युरिटी का अहसास करे। हमारी सेना सक्षम और सबल बने। सुरक्षा संसाधनों से लैस हो। इसकी कोशिश की गई है।रिटायरमेंट के बाद OROP मिले। ये सारे प्रावधान इस बजट में हैं।'स्टार्टअप के लिए प्रावधान किए गए हैं। सरकार ने एंटरप्रेन्योर हब स्थापित करने का फैसला किया है।

'लोगों को वैश्विक स्तर की फैसिलिटी मिले, इसकी कोशिश सरकार ने की है।'सुदूर इलाकों में रहने वालों को भी शिक्षा मिले, हमने इसका ध्यान रखा है।'ये बजट लोगों के सपनों के करीब है। इसके लिए मैं फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली जी को बहुत बधाई देता हूं।
जेटली ने कहा कि आधार कार्ड के लिए नया कानून बनाएंगे। इसे संवैधानिक दर्जा दिया जाएगा।35984 करोड़ रुपए एग्रीकल्चर और किसानों के वेलफेयर के लिए दिए।

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