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वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर मिसाइल से अटैक

 वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर मिसाइल से अटैक

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला में अचानक हुए तेज धमाकों ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है. राजधानी कराकास समेत कई इलाकों में विस्फोटों की आवाज सुनी गई, जिसकी पुष्टि अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने की है. सूत्रों के अनुसार धमाके केवल राजधानी कराकास तक सीमित नहीं रहे. मैक्वेटिया शहर के पास स्थित ला गुआइरा पोर्ट क्षेत्र में भी विस्फोट और आग की खबरें सामने आई हैं. यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है क्योंकि यहां प्रमुख बंदरगाह और हवाई गतिविधियां संचालित होती हैं. धमाकों के तुरंत बाद हालात इतने गंभीर हो गए कि वेनेज़ुएला का एयरस्पेस लगभग पूरी तरह खाली हो गया. कई विमानों ने सुरक्षा कारणों से अपने रूट बदल लिए, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी असर पड़ा है.



धमाके के बाद अमेरिका ने बड़ा सुरक्षा कदम उठाते हुए अपने सभी नागरिक विमानों के लिए वेनेज़ुएला के एयरस्पेस में प्रवेश पर रोक लगा दी है. अमेरिका की फेडरल एविएशन अथॉरिटी की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में सुरक्षा जोखिमों का हवाला दिया गया है. हालांकि यह पाबंदी अमेरिकी सैन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों पर लागू नहीं होगी. इस फैसले से साफ है कि अमेरिका हालात को बेहद संवेदनशील मान रहा है और किसी भी संभावित खतरे से बचना चाहता है.


कोलंबिया के राष्ट्रपति का गंभीर बयान

वेनेज़ुएला में हुए धमाकों पर कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि इस समय कराकास पर बमबारी की जा रही है और पूरी दुनिया को सतर्क हो जाना चाहिए. उनके अनुसार वेनेज़ुएला पर हमला हुआ है और मिसाइलों के जरिये बमबारी की जा रही है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ अमेरिकन स्टेट्स और संयुक्त राष्ट्र को तुरंत आपात बैठक बुलानी चाहिए, ताकि हालात पर चर्चा कर जरूरी कदम उठाए जा सकें.


क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका

विश्लेषकों का मानना है कि अगर कराकास पर हमले की पुष्टि होती है तो यह पूरे लैटिन अमेरिका के लिए गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है. वेनेज़ुएला पहले से ही राजनीतिक और आर्थिक संकट से जूझ रहा है और ऐसे में किसी बाहरी हमले की आशंका क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकती है. फिलहाल वेनेज़ुएला सरकार की ओर से आधिकारिक सैन्य या हमले संबंधी पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और पड़ोसी देशों की प्रतिक्रियाओं से हालात की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है.


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