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तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपरा के प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजा-पोरा तिहार के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि तीजा-पोरा छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और कृषि परंपराओं से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह त्योहार प्रदेश की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने के साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है।




मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा पर्व मातृशक्ति की आस्था, प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। महिलाएं परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ इस पर्व को श्रद्धा और उत्साह से मनाती हैं। वहीं पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की कृषि संस्कृति से गहराई से जुड़ा हुआ है। किसान और ग्रामीण समाज इस अवसर पर कृषि कार्यों में उपयोग होने वाले पशुधन और कृषि उपकरणों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं में प्रकृति, कृषि और पारिवारिक जीवन का सुंदर समन्वय देखने को मिलता है। तीजा-पोरा तिहार इसी सांस्कृतिक विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ाने का माध्यम है। ऐसे पर्व हमारी जड़ों से जुड़े रहने और अपनी परंपराओं को संरक्षित रखने की प्रेरणा देते हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से तीजा-पोरा तिहार को पारंपरिक उल्लास और सद्भाव के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने कामना की कि यह पावन पर्व सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आए तथा छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और सामाजिक सौहार्द को और मजबूती प्रदान करे।

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